बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता
भारत केवल एक राजनीतिक राज्य नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की सांस्कृतिक चेतना से निर्मित एक जीवंत राष्ट्र है – यही था डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों का मूल आधार भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं, जिनके विचार और भाषण समय की सीमाओं को पार कर पीढ़ियों तक राष्ट्र को दिशा … Read more