टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में मुंबई के किला कोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस ने कई अहम दावे किए हैं. पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन नष्ट कर दिए हैं और इस मामले में बड़ी साजिश की आशंका है. जांच को आगे बढ़ाने और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए पुलिस ने आरोपियों की 14 दिन की कस्टडी मांगी है.
पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले की जांच के दौरान लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है. आगे उन्होंने बताया कि अपराध का दायरा बड़ा हो सकता है और यह पता लगाना जरूरी है कि आरोपियों को हथियार कहां से मिले और इस घटना में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही. मामले में आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है.
पुलिस ने कोर्ट में क्या-क्या दलीलें दीं?
सुनवाई के दौरान मुंबई पुलिस ने कहा कि आरोपियों के मोबाइल फोन नष्ट किए जाने की वजह से मामले की जांच और महत्वपूर्ण हो गई है. पुलिस को आशंका है कि इन उपकरणों में घटना से जुड़े अहम सबूत हो सकते थे. पुलिस ने अदालत में यह भी दावा किया कि टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की भूमिका की जांच की जा रही है. इस सिलसिले में अनिल पंडित का नाम सामने आने की बात भी कही गई. आरोपियों से यह पता लगाना जरूरी है कि हथियार कहां से हासिल किए गए, क्या अन्य हथियार भी उपलब्ध कराए गए थे और इस कथित साजिश में कितने लोग शामिल थे, इसी आधार पर पुलिस ने 14 दिन की हिरासत की मांग की.
सरकारी वकील ने भी की 14 दिन की कस्टडी की मांग
सरकारी वकील ने अदालत में दलील दी कि गिरफ्तार किए गए आरोपी पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक आपराधिक पृष्ठभूमि वाले हैं. उन्होंने बताया कि आरोपियों तक पहुंचने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई और उनकी बाइक को ट्रैक किया गया. सरकारी पक्ष ने आरोपियों पर हत्या की कोशिश से जुड़े आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हिरासत जरूरी है. जांच एजेंसियों को घटना की पूरी कड़ी जोड़ने और हथियारों के स्रोत का पता लगाने के लिए पर्याप्त समय चाहिए.
आरोपियों के वकील ने क्या कहा?
वहीं, आरोपियों के वकील ने पुलिस की दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि उनके मुवक्किल निर्दोष हैं और उनका किसी कथित साजिश से कोई संबंध नहीं है. बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि आरोपियों को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया गया है और मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए. वकील ने अदालत को बताया कि आरोपियों से पहले ही करीब 48 घंटे तक पूछताछ की जा चुकी है और पूरी रात उनसे सवाल-जवाब हुए हैं. ट्रांजिट रिमांड भी मिल चुकी है. बचाव पक्ष ने पुलिस की ओर से बरामदगी किए जाने का हवाला देते हुए आगे की पुलिस कस्टडी की जरूरत पर सवाल उठाया.
आरोपियों के वकील ने यह भी दलील दी कि जब मामले में अन्य लोगों के नाम और उनकी भूमिका की जांच जरूरी बताई जा रही है, तो केवल मौजूदा आरोपियों को लंबे समय तक पुलिस हिरासत में रखना उचित नहीं है। उन्होंने अदालत से आरोपियों को पुलिस कस्टडी के बजाय न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की।
मामले में अन्य गिरफ्तारियों का भी जिक्र
सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से बताया गया कि तीन आरोपियों के अलावा अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में दो महिलाओं और दो पुरुषों को, जबकि गुजरात और हरियाणा में एक-एक व्यक्ति को गिरफ्तार किए जाने की बात सामने आई है. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इन गिरफ्तारियों का टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग से क्या संबंध है और क्या इस घटना के पीछे कोई संगठित नेटवर्क काम कर रहा था.