Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

भारत-रूस डिफेंस डील: ‘तुंगुस्का’सिस्टम से मजबूत होगी देश की सुरक्षा

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत ने अपनी सुरक्षा क्षमता बढ़ाने के लिए रूस से आधुनिक एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल सिस्टम खरीदने का फैसला किया है। इस सिस्टम को जमीनी लड़ाई में टैंकों और अन्य सैन्य वाहनों को हवाई हमलों से बचाने के लिए उपयोग किया जाएगा।

रणनीतिक साझेदारी को मजबूती

भारत ने रूस की कंपनी रोसोबोरोन एक्सपोर्ट के साथ करीब 445 करोड़ रुपये का समझौता किया है। यह डील रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में 27 मार्च 2026 को नई दिल्ली में साइन की गई। इस कदम से भारत की बहु-स्तरीय हवाई सुरक्षा प्रणाली और मजबूत होगी तथा भारत-रूस रक्षा संबंधों को भी बढ़ावा मिलेगा।

‘तुंगुस्का’ सिस्टम की खासियत

Tunguska एक उन्नत एयर डिफेंस सिस्टम है, जो टैंक जैसी संरचना में तैयार किया गया है। यह दुश्मन के लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को निशाना बनाने में सक्षम है। इसकी खास बात यह है कि इसमें गन और मिसाइल दोनों लगे होते हैं, जिससे यह बेहद शक्तिशाली बन जाता है।

P-8I विमान के लिए 413 करोड़ का समझौता

भारतीय नौसेना के P-8I लंबी दूरी के समुद्री निगरानी विमानों के रखरखाव और निरीक्षण के लिए रक्षा मंत्रालय ने बोइंग इंडिया डिफेंस प्राइवेट लिमिटेड के साथ लगभग 413 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए. इस व्यवस्था के तहत डिपो स्तर पर जांच और मरम्मत का काम देश के भीतर ही किया जाएगा। साथ ही, इसमें स्वदेशी उपकरणों के उपयोग पर जोर दिया गया है, जिससे इन विमानों की सर्विसिंग और संचालन अधिक प्रभावी तरीके से भारत में ही संभव हो सकेगा।