लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा का चार दिवसीय मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। सत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। सरकार ने विपक्ष से जनहित के मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा और सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील की है, जबकि विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी, छात्र आंदोलन, बिजली संकट, किसानों को खाद की कमी, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर योगी सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है।
पहले दिन पहली बार गूंजेगा पूरा ‘वंदे मातरम्’
विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने बताया कि इस बार का मानसून सत्र कई मायनों में खास रहेगा। पहली बार सदन की कार्यवाही के दौरान पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सहमति और असहमति दोनों का सम्मान होना चाहिए तथा स्वस्थ बहस से लोकतांत्रिक परंपराएं मजबूत होती हैं, उन्होंने सभी सदस्यों से सदन की मर्यादा बनाए रखने और शालीन तरीके से चर्चा में भाग लेने की अपील की।
शोक प्रस्ताव के बाद पहले दिन की कार्यवाही होगी स्थगित
सत्र के पहले दिन समाजवादी पार्टी के निजामाबाद (आजमगढ़) से विधायक आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा जाएगा। शोक प्रस्ताव के बाद विधानसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी जाएगी। हालांकि, विधान परिषद की कार्यवाही सामान्य रूप से जारी रहेगी।
6 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र
मानसून सत्र 3 अगस्त से 6 अगस्त तक चलने की संभावना है। इस दौरान सरकार पिछले सत्र के बाद जारी किए गए नौ अध्यादेशों की जगह प्रतिस्थानी विधेयक और कुछ नए विधेयक सदन में पेश कर सकती है।
CAG और संभल हिंसा जांच रिपोर्ट होगी पेश
सत्र के दौरान भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) की रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी जाएगी। इसके अलावा, 24 नवंबर 2024 को संभल की शाही जामा मस्जिद सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की रिपोर्ट भी विधानसभा में पेश किए जाने की संभावना है।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेगा विपक्ष
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि समाजवादी पार्टी राम मंदिर चढ़ावा चोरी, बिजली संकट, किसानों के लिए खाद की उपलब्धता, बेरोजगारी और अन्य जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी। उन्होंने सत्र की अवधि बढ़ाने की भी मांग की ताकि महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा हो सके। वहीं, कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ने आरोप लगाया कि सरकार सदन में सवालों से बचने का प्रयास करती है। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की एसआईटी रिपोर्ट सार्वजनिक करने, किसानों की समस्याओं, युवाओं की बेरोजगारी, महिलाओं के खिलाफ अपराध, महंगाई, बिजली संकट और शिक्षा व्यवस्था पर सरकार से जवाब मांगा।
अधिष्ठाता मंडल में केतकी सिंह को मिली जिम्मेदारी
इस बीच विधानसभा के अधिष्ठाता मंडल में भाजपा विधायक केतकी सिंह को शामिल किया गया है। विधानसभा अध्यक्ष की अनुपस्थिति में यही मंडल सदन की कार्यवाही का संचालन करता है। अधिष्ठाता मंडल में कुल 10 सदस्य होते हैं। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जा रहे इस मानसून सत्र में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस होने के आसार हैं।