उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं सकुशल संपन्न होने के बाद अब मूल्यांकन की बारी है। वाराणसी जिले में 18 मार्च से कॉपियों की जांच का कार्य शुरू होने जा रहा है, जिसके लिए शिक्षा विभाग ने पुख्ता तैयारियां कर ली हैं। करोड़ों छात्रों की मेहनत का परिणाम अब विशेषज्ञों की कलम के जरिए तय होगा।
वाराणसी के चार प्रमुख मूल्यांकन केंद्रों पर यह प्रक्रिया शुरू होगी। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) ने इस संबंध में परीक्षकों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि मूल्यांकन निष्पक्ष और मानकों के अनुरूप होना चाहिए। बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने जानकारी दी कि इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी बनाया गया है। यदि किसी छात्र को एक विषय में अन्य विषयों के मुकाबले असामान्य रूप से बहुत कम या बहुत ज्यादा अंक मिलते हैं, तो विशेषज्ञों द्वारा उस कॉपी की दोबारा जांच की जाएगी।
इस साल बोर्ड ने एक नई पहल करते हुए 15 प्रतिशत उत्तर पुस्तिकाओं के विशेष ऑडिट का निर्णय लिया है। इसके लिए पहली बार ‘ऑनलाइन ऑडिटर’ नियुक्त किए गए हैं, जो जांच की गुणवत्ता पर नजर रखेंगे। प्रदेश भर में करीब 1.31 लाख परीक्षकों को 250 केंद्रों पर तैनात किया गया है। पिछले वर्षों में मूल्यांकन में हुई मानवीय त्रुटियों और मेरिट सूची में आए बदलावों को देखते हुए इस बार रेंडम ऑडिट की व्यवस्था की गई है ताकि परिणाम पूरी तरह विश्वसनीय और निष्पक्ष रहें।
यूपी बोर्ड द्वारा अपनाई जा रही इन नई तकनीकियों और कड़े नियमों से उम्मीद है कि इस बार परिणाम पूरी तरह त्रुटिहीन होंगे और छात्रों को उनकी मेहनत का सही फल मिलेगा।









