लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से 3 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक ‘दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0’ चलाएगी। इस अभियान के तहत प्रदेश के सभी राजकीय आईटीआई में विशेष रोजगार शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां दिव्यांग युवाओं को रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी और मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
अभियान के दौरान जिला उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन केंद्र औद्योगिक इकाइयों और व्यावसायिक संस्थानों से समन्वय कर उपलब्ध रिक्तियों की जानकारी जुटाएगा। वहीं, एमएसएमई विभाग स्वरोजगार योजनाओं और लीड बैंक के माध्यम से ऋण एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा। इसके अलावा, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी और जिला रोजगार सहायता अधिकारी रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकृत अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार के अवसरों से जोड़ेंगे।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की इस पहल का उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण प्राप्त दिव्यांगजनों सहित अन्य योग्य दिव्यांग युवाओं को उनकी क्षमता और कौशल के अनुरूप रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
अभियान के प्रभावी संचालन के लिए प्रत्येक जिले में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जो अभियान की निगरानी और समन्वय करेगी। अभियान समाप्त होने के बाद 10 अगस्त तक सभी जिलों से लाभार्थियों का विवरण शासन को भेजा जाएगा। सबसे अधिक दिव्यांगजनों को रोजगार और स्वरोजगार उपलब्ध कराने वाले पांच जिलों के जिलाधिकारियों (DM) और उनकी टीम को सम्मानित किया जाएगा।
सरकार इस अभियान के दौरान पिछले दो चरणों में लाभान्वित दिव्यांगजनों का भौतिक सत्यापन भी कराएगी, ताकि उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन किया जा सके। अभियान की तैयारियों को लेकर मिशन निदेशक पुलकित खरे ने गुरुवार को सभी सीडीओ और संबंधित अधिकारियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए।
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