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2030 तक नई कारों से दोगुनी बिकेंगी पुरानी कारें? IAC ने सरकार से मांगी Auto LPG रेट्रोफिट नीति, जानिए कैसे बदलेगी तस्वीर

Used Car Market

Auto LPG Retrofit Policy: भारत का सेकेंड हैंड कार बाजार तेजी से बढ़ रहा है और आने वाले वर्षों में इसकी रफ्तार नई कारों के मुकाबले कहीं अधिक रहने का अनुमान है। इसी बीच इंडियन ऑटो एलपीजी कोएलिशन (IAC) ने केंद्र सरकार से समयबद्ध राष्ट्रीय Auto LPG रेट्रोफिट नीति लागू करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि अगर मौजूदा पेट्रोल और डीजल वाहनों को सुरक्षित और प्रमाणित तरीके से Auto LPG में बदलने की अनुमति दी जाती है, तो इससे प्रदूषण कम करने, ईंधन खर्च घटाने और तेजी से बढ़ते यूज्ड कार बाजार को पर्यावरण के अनुकूल बनाने में बड़ी मदद मिलेगी।

2030 तक 1 करोड़ से ज्यादा हो सकती है पुरानी कारों की बिक्री

IAC के मुताबिक भारत में सेकेंड हैंड कार बाजार लगातार मजबूत हो रहा है। 2023 में देश में करीब 46 लाख प्री-ओन्ड कारों की बिक्री हुई थी, जबकि वर्तमान में यह आंकड़ा करीब 60 लाख यूनिट सालाना तक पहुंच चुका है।

संगठन का अनुमान है कि 2030 तक यूज्ड कारों की बिक्री 1 करोड़ यूनिट से अधिक हो सकती है। यानी आने वाले वर्षों में पुरानी कारों की बिक्री नई कारों की तुलना में लगभग दोगुनी हो सकती है। इस दौरान बाजार की औसत वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) 12 से 13 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

हर नई कार पर बिक रही एक से ज्यादा पुरानी कार

IAC का दावा है कि फिलहाल देश में हर नई कार की बिक्री के मुकाबले एक से अधिक पुरानी कारों का लेन-देन हो रहा है। इसका मतलब है कि आने वाले कई वर्षों तक लाखों पेट्रोल और डीजल वाहन सड़कों पर चलते रहेंगे।

ऐसे में यदि इन वाहनों को स्वच्छ ईंधन विकल्पों में बदला जाए तो बिना नए वाहन खरीदे भी प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

क्या है Auto LPG रेट्रोफिट नीति की मांग?

IAC ने सरकार से पूरे देश के लिए एक समान और समयबद्ध राष्ट्रीय रेट्रोफिट नीति लागू करने की अपील की है।

इस नीति के तहत:

  • पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों को प्रमाणित तरीके से Auto LPG में बदला जा सके।
  • रेट्रोफिट प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित और मानकीकृत हो।
  • पूरे देश में एक समान नियामकीय ढांचा तैयार किया जाए।
  • वाहन मालिकों को स्पष्ट नियम और सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

IAC क्यों मानता है इसे जरूरी?

संगठन का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहन और हाइड्रोजन तकनीक भविष्य के लिए अहम हैं, लेकिन फिलहाल सड़क पर चल रहे करोड़ों पारंपरिक वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए रेट्रोफिट सबसे व्यावहारिक और तेज समाधान हो सकता है।

IAC के अनुसार इससे:

  • मौजूदा वाहनों से उत्सर्जन कम होगा।
  • वाहनों का उपयोग अधिक टिकाऊ बनेगा।
  • शहरी क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता बेहतर होगी।
  • कम लागत में स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

Auto LPG से कितना होगा फायदा?

IAC के महानिदेशक सुयश गुप्ता का कहना है कि भारत के पास पहले से चल रहे वाहनों को स्वच्छ ईंधन में बदलकर शहरी प्रदूषण कम करने का बड़ा अवसर है।

संगठन के अनुसार:

  • Auto LPG, पेट्रोल की तुलना में करीब 40% सस्ता ईंधन है।
  • प्रति किलोमीटर संचालन लागत 40 से 45 प्रतिशत तक कम हो सकती है।
  • एक वाहन को Auto LPG में बदलने का खर्च लगभग 30,000 रुपये आता है, जो इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने की तुलना में काफी कम है।

प्रदूषण में भी आएगी कमी

IAC ने विभिन्न अध्ययनों का हवाला देते हुए दावा किया है कि Auto LPG अपनाने से:

  • कार्बन मोनोऑक्साइड (CO) और हाइड्रोकार्बन उत्सर्जन में लगभग 50 प्रतिशत तक कमी आ सकती है।
  • NOx (नाइट्रोजन ऑक्साइड) का उत्सर्जन भी कम होता है।
  • वाहन BS-VI उत्सर्जन मानकों के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

मौजूदा LPG नेटवर्क से मिलेगा फायदा

संगठन का कहना है कि भारत में पहले से मौजूद LPG वितरण और रिटेल नेटवर्क का इस्तेमाल Auto LPG की उपलब्धता बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। इससे नए इंफ्रास्ट्रक्चर पर अतिरिक्त खर्च नहीं करना पड़ेगा और इस ईंधन का विस्तार तेजी से संभव होगा।

सरकार को IAC के प्रमुख सुझाव

IAC ने केंद्र सरकार से मांग की है कि केवल रेट्रोफिट नीति ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े अन्य सुधार भी साथ-साथ किए जाएं।

मुख्य सुझाव:

  • रेट्रोफिट नियम स्पष्ट किए जाएं।
  • वाहन मालिकों को वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाए।
  • Auto LPG को बढ़ावा देने वाली ईंधन नीति तैयार की जाए।
  • प्रमाणित रेट्रोफिट सिस्टम को बढ़ावा मिले।

क्या होगा देश को फायदा?

IAC का मानना है कि यदि सरकार राष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट Auto LPG रेट्रोफिट नीति लागू करती है तो इससे:

  • लाखों पुराने वाहनों से होने वाला प्रदूषण कम होगा।
  • शहरों की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।
  • लोगों का ईंधन खर्च घटेगा।
  • स्वच्छ और किफायती मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा।
  • तेजी से बढ़ते यूज्ड कार बाजार को पर्यावरण-अनुकूल दिशा मिल सकेगी।

क्या है Indian Auto LPG Coalition (IAC)?

इंडियन ऑटो एलपीजी कोएलिशन (IAC) भारत में Auto LPG को बढ़ावा देने वाली प्रमुख संस्था है। इसके सदस्यों में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां, निजी Auto LPG मार्केटिंग कंपनियां, LPG किट सप्लायर और उपकरण निर्माता शामिल हैं।

IAC, World LPG Association, SIAM, BIS और विभिन्न सरकारी तकनीकी समितियों के साथ मिलकर Auto LPG से जुड़े मानकों और नीतियों पर काम करता है।

IAC का मानना है कि यदि भारत समयबद्ध और स्पष्ट Auto LPG रेट्रोफिट नीति लागू करता है, तो तेजी से बढ़ते यूज्ड कार बाजार को प्रदूषण बढ़ाने के बजाय स्वच्छ, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन के बड़े अवसर में बदला जा सकता है।

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