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वाराणसी में साइबर क्राइम पर बड़ा एक्शन: पुलिस ने करोड़ों रुपये कराए वापस, लीन टाइम 4 घंटे से घटकर 14 मिनट हुआ

वाराणसी पुलिस की बड़ी कामयाबी

डिजिटल होते दौर में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बन गया है। इसी को देखते हुए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने साइबर अपराध नियंत्रण और त्वरित निस्तारण के लिए बड़ी पहल की है। पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल ने हाल ही में साइबर सेल और जनपद के समस्त थानों के साइबर हेल्प डेस्क प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा गोष्ठी आयोजित की, जिसमें अपराध नियंत्रण की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।

पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल ने समीक्षा गोष्ठी के दौरान साइबर सेल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हाल ही में (विगत वर्ष की कार्रवाई में) 06 अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया गया, जिसके चलते 76 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त, 44 म्यूल अकाउंट संचालकों और फर्जी सिम जारी करने वाली 15 फर्मों के विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की गई है।

पुलिस कमिश्नरेट द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, त्वरित कार्यवाही के माध्यम से पीड़ितों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है। बीते वर्ष में साइबर सेल द्वारा लगभग 9.5 करोड़ रुपये पीड़ितों को सफलतापूर्वक वापस कराए गए। वहीं, चालू वर्ष की शुरुआत (जनवरी से फरवरी तक) में लगभग 01 करोड़ रुपये की राशि होल्ड/फ्रीज कराई गई है।

साइबर सेल की कार्यक्षमता में व्यापक सुधार देखने को मिला है। शिकायतों के निस्तारण की दर (Resolution Rate) 44% से बढ़कर अब 87% हो गई है। सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि त्वरित समन्वय का समय (Lien Time) 4 घंटे से घटाकर मात्र 14 मिनट कर दिया गया है। साथ ही, अब तक 5273 मोबाइल नंबर ब्लॉक, 1290 IMEI डिएक्टिवेट और 115 फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट निष्क्रिय किए जा चुके हैं।

पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल ने अधिकारियों को फर्जी POS (प्वाइंट ऑफ सेल) और अवैध सिम संचालकों पर कठोर कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया। भविष्य की रणनीति के तहत, उन्होंने IMEI व मोबाइल ब्लॉकिंग बढ़ाने, ‘प्रतिबिम्ब पोर्टल’ के लिए एक नए सेल का गठन करने, समन्वय पोर्टल पर अनिवार्य डेटा फीडिंग सुनिश्चित करने और व्यापक साइबर जागरूकता अभियान संचालित करने पर विशेष बल दिया। इस समीक्षा गोष्ठी में अपर पुलिस आयुक्त (अपराध) श्री आलोक प्रियदर्शी और अपर पुलिस उपायुक्त साइबर अपराध श्रीमती नीतू सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट का यह त्वरित और कठोर दृष्टिकोण साइबर अपराधियों को कड़ा संदेश देता है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि आम जनता डिजिटल धोखाधड़ी से सुरक्षित रहे और पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके।