87 की उम्र में वहीदा रहमान का कट्टर जवाब: AR रहमान विवाद पर दिया ‘शांति का पैगाम’

87 की उम्र में वहीदा रहमान का कट्टर जवाब
87 की उम्र में वहीदा रहमान का कट्टर जवाब

संगीतकार ए आर रहमान के हालिया बयान ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में सांप्रदायिक भेदभाव को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। रहमान ने कहा था कि पिछले कुछ वर्षों में उन्हें कम काम मिलना शायद इसी भेदभाव का परिणाम हो सकता है। अब, 87 वर्षीय दिग्गज अभिनेत्री वहीदा रहमान ने इस पूरे विवाद पर अपनी चुप्पी तोड़ी है और एक अत्यंत सकारात्मक एवं सुलझा हुआ संदेश दिया है।

विवाद बढ़ता देख, कई सेलेब्स अपनी राय रख चुके हैं, और अब वहीदा रहमान ने भी बेबाकी से बात की है। वहीदा रहमान ने स्पष्ट किया कि उन्होंने रहमान के बयान को पढ़ा है, लेकिन वह इस मामले को अनावश्यक रूप से ज्यादा गहराई से देखने या इसे गंभीर मुद्दा बनाने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि, जब सब कुछ सामान्य रूप से चल रहा है, ऐसे मामलों पर ज्यादा ध्यान देना जरूरी नहीं है।

वहीदा रहमान ने लोगों को शांति और सकारात्मकता का संदेश देते हुए कहा, “अपनी शांति से रहो, यह मुल्क है हमारा, बस खुश रहो।” उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी इंसान को काम के मिलने या न मिलने का कारण हमेशा धर्म या सांप्रदायिक भेद नहीं होता है। इसके पीछे अक्सर उम्र का बढ़ना या समय का बदलाव भी हो सकता है। उनका मानना है कि समय-समय पर ऐसा होता है कि कुछ लोग आगे बढ़ते हैं और कुछ पीछे रह जाते हैं, इसे कोई नई या विवादास्पद बात नहीं बताया जा सकता।

इस बीच, ए आर रहमान ने बाद में सोशल मीडिया पर एक संदेश जारी कर स्पष्ट किया कि उनका मकसद किसी को दुख पहुंचाना नहीं था और वे भारत से प्यार करते हैं। वहीदा रहमान ने भी साफ किया कि वह अपनी उम्र के इस पड़ाव पर किसी भी विवाद में शामिल नहीं होना चाहतीं और सबको शांति बनाए रखने की सलाह देती हैं।

वहीदा रहमान का यह सुलझा हुआ बयान मौजूदा विवादों के बीच सद्भाव और शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर देता है, जो फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक सकारात्मक कदम है।

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