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योगी आदित्यनाथ का माफिया पर कड़ा प्रहार: ‘लातों के भूत बातों से नहीं मानते’, होली पर भी दिया शांति का संदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में गोरखपुर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में माफिया, आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ अपनी सरकार के सख्त रुख को दोहराया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे असामाजिक तत्वों से नरमी से नहीं, बल्कि सख्ती से निपटा जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने आगामी होली पर्व को शांति और सद्भाव से मनाने का भी आह्वान किया।

गोरखपुर में होलिका दहन उत्सव समिति पांडेयहाता द्वारा आयोजित भक्त प्रह्लाद शोभायात्रा के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफिया और आपराधिक तत्वों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इन तत्वों की तुलना पौराणिक खलनायक हिरण्यकश्यप से करते हुए कहा, “जो लातों के भूत होते हैं, वे बातों से नहीं मानते। ऐसे अराजक, गुंडागर्दी और अव्यवस्था फैलाने वाले लोगों का अंत करने के लिए समय-समय पर नृसिंह, कृष्ण या राम को अवतरित होना पड़ता है।” उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि जहां दुनिया के कई हिस्से अस्थिरता से जूझ रहे हैं, वहीं भारत एक नए युग की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की बदलती तस्वीर पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले त्योहारों पर कर्फ्यू जैसी स्थिति बन जाती थी, लेकिन आज उत्तर प्रदेश एक ‘उत्सव प्रदेश’ के रूप में पहचान बना चुका है, जहां सुरक्षा और सुविधा के साथ सभी पर्व मनाए जाते हैं। आगामी होलिका दहन और होली के मद्देनजर, मुख्यमंत्री ने जनता से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की। उन्होंने लोगों को किसी पर जबरन रंग न डालने और अश्लील गीतों से परहेज करने की सलाह देते हुए पर्व की गरिमा बनाए रखने की जिम्मेदारी पर जोर दिया।

इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने एनेक्सी सभागार में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित गोरक्ष प्रांत की समन्वय बैठक में भी भाग लिया। इस बैठक में सामाजिक मुद्दों पर गहन चर्चा हुई, जहां मुख्यमंत्री ने मतांतरण को एक गंभीर विषय बताया। उन्होंने कहा कि यदि समाज इसके मूल कारणों को समझे और दूर करे तो ऐसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। मदरसों के पाठ्यक्रम से जुड़े सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां शासन द्वारा स्वीकृत यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम लागू है। ओएमआर प्रणाली की जगह लिखित परीक्षा बहाल करने की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश एआई युग में प्रवेश कर चुका है, ऐसे में पुरानी व्यवस्था की ओर लौटना उचित नहीं होगा। इस बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. धर्मेंद्र सिंह और क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन बयानों से स्पष्ट है कि उनकी सरकार प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देने और आधुनिक विकास की ओर अग्रसर रहने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उत्तर प्रदेश एक सुरक्षित और ‘उत्तम प्रदेश’ बन सके।

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