देश भर में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, सिकंदरा थाना और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 4 ऐसे शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी। इन अपराधियों के तार विदेश में बैठे अपने आकाओं से जुड़े थे और ये ऑनलाइन सट्टेबाजी का काम भी करते थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हिमांशु, आशीष, सूरज और रामू के रूप में की गई है। पुलिस की जांच में इनके काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद चौंकाने वाला सामने आया है। ये ठग लोगों को झांसा देकर उनके बैंक खाते खुलवाते थे। एक बार खाता खुल जाने के बाद, वे उन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी के मामलों में पैसे प्राप्त करने के लिए करते थे। ठगी की रकम को डेबिट कार्ड के जरिए एटीएम से तुरंत निकाल लिया जाता था।
विदेश से होता था संचालन, मोनू लेता था 60% कमीशन
इस रैकेट का संचालन विदेशी आकाओं के इशारे पर होता था, जो इन्हें ठगी करने के निर्देश देते थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरे रैकेट का मुख्य आरोपी मोनू था, जो ठगी की रकम का सबसे बड़ा हिस्सा लेता था। मोनू अकेले ही ठगी की गई कुल रकम का 60 प्रतिशत हिस्सा वसूलता था, जिससे पता चलता है कि यह गिरोह कितने बड़े पैमाने पर काम कर रहा था। पुलिस मोनू और विदेशी हैंडलर की तलाश में जुटी है।
संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने इन साइबर ठगों के कब्जे से बड़ी संख्या में उपकरण और नकद राशि बरामद की है, जो इस बात का प्रमाण है कि ये संगठित अपराध में शामिल थे:
72 डेबिट कार्ड
14 मोबाइल और 18 सिम कार्ड
29 चेकबुक और 37 पासबुक
04 आधार कार्ड
2 लैपटॉप
2.16 लाख रुपये नकद
पुलिस की यह संयुक्त कार्रवाई साइबर अपराधों पर नकेल कसने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, और अब जांच का फोकस मुख्य आरोपी मोनू और अंतर्राष्ट्रीय साजिशकर्ताओं तक पहुंचने पर है ताकि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके।









