आज पूरा देश 77वां गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) बड़े उत्साह और गर्व के साथ मना रहा है। यह राष्ट्रीय पर्व हर नागरिक को राष्ट्र प्रेम से ओतप्रोत कर देता है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और अद्भुत एकता की शानदार झलक देखने को मिल रही है।
गणतंत्र दिवस के मुख्य आयोजन के लिए देशभर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, खासकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में। इस वर्ष भी कर्तव्य पथ पर आयोजित हो रही मुख्य परेड आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
गणतंत्र दिवस परेड में भारत की सांस्कृतिक झलक के साथ ही उसकी बढ़ती सैन्य शक्ति और परंपरागत विरासत की झांकी पेश की जा रही है। परेड में थल सेना, वायु सेना और नौसेना के जांबाज अपने शौर्य का प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके अलावा, विभिन्न राज्यों की मनमोहक झांकियां देश की ‘विविधता में एकता’ की भावना को सशक्त रूप से दर्शा रही हैं। यह आयोजन यह सुनिश्चित करता है कि देश का हर नागरिक अपने राष्ट्रीय पर्व को गौरव के साथ मनाए।
क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस?
26 जनवरी सिर्फ एक छुट्टी का दिन नहीं है, बल्कि यह भारतीय इतिहास का एक मील का पत्थर है। भारत को 15 अगस्त 1947 को ब्रिटिश शासन से आज़ादी तो मिल गई थी, लेकिन देश को पूर्ण संप्रभुता 26 जनवरी 1950 को मिली। इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ और देश को एक संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारा देश कानून के शासन और संवैधानिक मूल्यों पर खड़ा है।
गणतंत्र दिवस हमें हमारे संविधान द्वारा दिए गए न्याय, स्वतंत्रता और समानता के मूल्यों को बनाए रखने की प्रतिज्ञा लेने का अवसर देता है, जिसे हर नागरिक को गर्व और सम्मान के साथ मनाना चाहिए।









