E20 पेट्रोल: क्या 2022 से पहले की कारों के लिए खतरा है? जानिए वायरल दावों की पूरी सच्चाई

E20 पेट्रोल
E20 पेट्रोल

E20 पेट्रोल को लेकर वायरल दावों के बीच जानिए क्या 2022 से पहले की कारों के लिए यह सचमुच खतरा है, या सिर्फ एक बड़ी गलतफहमी।

सोशल मीडिया पर इन दिनों यह दावा तेजी से वायरल हो रहा है कि E20 पेट्रोल 2022 से पहले बनी कारों के इंजन को नुकसान पहुंचा सकता है। कई पोस्ट में इसे “इंजन किलर” तक बताया जा रहा है। हालांकि, ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि इन दावों में पूरी सच्चाई नहीं है। सही रखरखाव के साथ अधिकांश पुरानी गाड़ियां E20 पेट्रोल का इस्तेमाल कर सकती हैं, हालांकि कुछ मामलों में माइलेज और कुछ पुर्जों की उम्र पर असर पड़ सकता है।

क्या होता है E20 पेट्रोल?

E20 पेट्रोल में 80 प्रतिशत सामान्य पेट्रोल और 20 प्रतिशत इथेनॉल (बायोफ्यूल) मिलाया जाता है। इथेनॉल गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। इसका उद्देश्य कच्चे तेल के आयात को कम करना और वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी लाना है।

अप्रैल 2023 के बाद बनी अधिकांश नई कारों को E20 ईंधन के अनुकूल बनाया गया है, इसलिए इन वाहनों में किसी तरह की दिक्कत की संभावना नहीं होती।

क्या 2022 से पहले की कारों का इंजन खराब हो जाएगा?

विशेषज्ञों के मुताबिक, नहीं। E20 पेट्रोल भरवाने से इंजन अचानक खराब नहीं होता और न ही गाड़ी तुरंत बंद हो जाती है। हालांकि, लंबे समय तक लगातार इस्तेमाल और सही मेंटेनेंस न होने पर कुछ पुराने वाहनों में फ्यूल सिस्टम के रबर पार्ट्स, सील या गैस्केट पर धीरे-धीरे असर पड़ सकता है।

क्यों उठ रहे हैं सवाल?

2022 से पहले बनी कई कारें E10 (10% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) के हिसाब से डिजाइन की गई थीं। हालांकि BS4 दौर में ही कंपनियों ने फ्यूल पाइप, सील और इंजन कंट्रोल सिस्टम को इथेनॉल के अनुकूल बनाना शुरू कर दिया था। यही वजह है कि अधिकांश BS4 वाहन E20 पेट्रोल भी बिना किसी बड़े तकनीकी बदलाव के इस्तेमाल कर सकते हैं।

पुराने इंजनों पर E20 का संभावित असर

  1. लंबे समय तक खड़ी रहने पर नमी की समस्या

इथेनॉल हवा से नमी सोखता है। अगर कार कई हफ्तों तक आधे भरे टैंक के साथ खड़ी रहे, तो पेट्रोल और पानी अलग हो सकते हैं। इससे पुराने स्टील टैंक में जंग या फ्यूल इंजेक्टर में रुकावट आ सकती है।

  1. रबर और सील्स पर असर

बहुत पुराने वाहनों में लंबे समय तक E20 इस्तेमाल करने से रबर सील, गैस्केट और फ्यूल पंप के कुछ हिस्से धीरे-धीरे सख्त हो सकते हैं। हालांकि यह प्रक्रिया काफी धीमी होती है और अचानक कोई नुकसान नहीं होता।

  1. इंजन की ट्यूनिंग पर असर

कुछ पुराने इंजन कंट्रोल यूनिट (ECU) E20 के अनुसार फ्यूल सप्लाई को पूरी तरह एडजस्ट नहीं कर पाते। इससे इंजन थोड़ा ‘लीन’ चल सकता है, जिससे हल्की नॉकिंग या तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है।

  1. माइलेज में कमी

इथेनॉल में पेट्रोल की तुलना में कम ऊर्जा होती है। इसलिए पुराने इंजनों में E20 इस्तेमाल करने पर औसतन 3 से 7 प्रतिशत तक माइलेज घट सकता है।

क्या नई कारों को कोई खतरा है?

अप्रैल 2023 के बाद लॉन्च हुई अधिकांश कारों को कंपनियों ने E20 के हिसाब से डिजाइन किया है। इनके इंजन, फ्यूल पाइप, सील और ECU पहले से ही इस ईंधन के अनुरूप बनाए गए हैं। ऐसे वाहनों में E20 के कारण किसी विशेष समस्या की आशंका नहीं मानी जाती।

पुरानी कारों के मालिक क्या सावधानी रखें?

अगर आपकी कार 2022 से पहले की है, तो कुछ आसान सावधानियां अपनाकर E20 पेट्रोल का सुरक्षित इस्तेमाल किया जा सकता है।

  • समय से पहले फ्यूल फिल्टर बदलवाएं।
  • कार को कई सप्ताह तक आधे खाली टैंक के साथ खड़ा न रखें।
  • जरूरत पड़ने पर अच्छी गुणवत्ता वाला फ्यूल स्टेबलाइजर इस्तेमाल करें।
  • सर्विस के दौरान फ्यूल पाइप, गैस्केट और सील्स की नियमित जांच करवाते रहें।
  • क्या E20 वास्तव में ‘इंजन किलर’ है?

विशेषज्ञों और ऑटोमोबाइल कंपनियों के अनुसार, E20 को “इंजन किलर” कहना सही नहीं है। यह दावा भ्रामक है। हां, बहुत पुराने वाहनों में लंबे समय तक इस्तेमाल के दौरान कुछ पुर्जों की घिसावट तेज हो सकती है और माइलेज में हल्की कमी आ सकती है। लेकिन नियमित सर्विस और उचित रखरखाव के साथ अधिकांश पुरानी कारें भी E20 पेट्रोल का सुरक्षित उपयोग कर सकती हैं।

E20 पेट्रोल को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रहे कई दावे अतिरंजित हैं। नई कारों के लिए यह पूरी तरह उपयुक्त है, जबकि पुरानी कारों में भी थोड़ी अतिरिक्त देखभाल के साथ इसका इस्तेमाल सुरक्षित माना जाता है। ऐसे में अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय वाहन निर्माता की सलाह और अधिकृत सर्विस सेंटर के निर्देशों का पालन करना बेहतर विकल्प है।

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