सुष्मिता देव, सुखेंदु शेख रॉय और प्रकाश बारिक हुए बीजेपी में शामिल, सियासी हलचल तेज इन्होने पिछले महीने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद राज्यसभा की सदस्यता और पार्टी, दोनों से इस्तीफा दे दिया था.
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन पूर्व सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश बारिक भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए हैं। बीजेपी के वरिष्ठ नेता शमिक भट्टाचार्य ने तीनों नेताओं के पार्टी में शामिल होने की आधिकारिक घोषणा की।
बताया जा रहा है कि बीजेपी राज्यसभा की बची हुई अवधि के लिए इन नेताओं को उम्मीदवार बना सकती है। राज्यसभा चुनाव के लिए 14 जुलाई नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है।
शमिक भट्टाचार्य ने क्या कहा?
बीजेपी नेता शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि पिछले कई दशकों से पश्चिम बंगाल में पहले वाम मोर्चा और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस का शासन रहा, जिससे राज्य का विकास प्रभावित हुआ।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और नीतियों में विश्वास जताते हुए तीनों पूर्व सांसदों ने पहले अपने राज्यसभा पद और टीएमसी से इस्तीफा दिया और अब भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है।
भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि राज्य को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नई राजनीतिक दिशा की आवश्यकता है और पार्टी तीनों नेताओं का स्वागत करती है।
अगर आप खबरों के पीछे की पूरी कहानी और हर मुद्दे का सटीक विश्लेषण जानना चाहते हैं, तो 15 अगस्त से देखिए भारत अपडेट का विशेष कार्यक्रम ‘भारत भाग्य विधाता’।
पिछले महीने दिया था इस्तीफा
सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर रॉय और प्रकाश बारिक ने पिछले महीने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद राज्यसभा की सदस्यता और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया था। बीजेपी का मानना है कि इन नेताओं का राजनीतिक अनुभव संगठन को मजबूत करने में मदद करेगा।
राजनीतिक हलचल तेज
राज्य की राजनीति में इस घटनाक्रम के बीच अन्य राजनीतिक गतिविधियां भी चर्चा में हैं। नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसद और पूर्व टीएमसी नेता युसूफ पठान ने भी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की। वहीं, अभिनेता प्रसेनजीत चटर्जी की भी मुख्यमंत्री से मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को तेज कर दिया है।
राज्यसभा चुनाव से पहले हुए इन घटनाक्रमों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और आने वाले दिनों में इसके और भी राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।


