देहरादून: उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए येलो अलर्ट घोषित किया है। पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम का मिजाज बदला हुआ है और अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना जताई गई है। वहीं, लगातार बारिश के कारण बंद पड़ा कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग करीब 40 घंटे बाद दोबारा यातायात के लिए खोल दिया गया है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सोमवार को देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने, तेज गर्जना और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की भी आशंका जताई गई है। वहीं हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों में भी बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
देहरादून समेत कई इलाकों में बदला मौसम
रविवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दिनभर आंशिक बादल छाए रहे। पर्वतीय क्षेत्रों में कई स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि राजधानी देहरादून में धूप और बादलों के बीच आंख-मिचौनी का दौर चलता रहा। हाथीबड़कला क्षेत्र में तेज बारिश होने से लोगों को उमस से राहत मिली।
40 घंटे बाद बहाल हुआ कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग
लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते बंद पड़ा तवाघाट-लिपुलेख (कैलास मानसरोवर यात्रा) मार्ग करीब 40 घंटे बाद रविवार दोपहर फिर से खोल दिया गया। मलघाट क्षेत्र में पहाड़ी से लगातार पत्थर और बोल्डर गिरने के कारण शुक्रवार रात से हाईवे बंद था, जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं।
बारिश कम होने के बाद सीमा सड़क संगठन (BRO) ने मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मार्ग को यातायात के लिए बहाल किया। इसके अलावा धारचूला-तवाघाट मार्ग के कुलागढ़ क्षेत्र और मुनस्यारी-मिलम मार्ग पर भूस्खलन से प्रभावित हिस्सों को भी साफ कर यातायात सामान्य कर दिया गया।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों, विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों से मौसम का अपडेट देखते रहने और भूस्खलन संभावित इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की है।