CJP प्रदर्शन हिंसा मामले में बड़ा खुलासा, विदेशी बॉट नेटवर्क के इस्तेमाल की आशंका

CJP प्रदर्शन हिंसा मामले में जांच एजेंसियों को विदेशी बॉट नेटवर्क के इस्तेमाल की आशंका है। सोशल मीडिया गतिविधियों, डिजिटल प्रचार और ऑनलाइन कनेक्शन की जांच की जा रही है।
CJP Violence Case

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले महीने हुए CJP प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा और सोशल मीडिया गतिविधियों को लेकर दिल्ली पुलिस की साइबर एवं फोरेंसिक जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शन से जुड़े विवादित और भड़काऊ कंटेंट को वायरल करने के लिए बड़ी संख्या में फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाए गए थे। साथ ही, विदेशी बॉट नेटवर्क के इस्तेमाल की भी आशंका जताई गई है।

फर्जी अकाउंट बनाकर फैलाया गया विवादित कंटेंट

दिल्ली पुलिस की साइबर और फोरेंसिक टीम के अनुसार, 20 से 23 जुलाई के बीच जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़े वीडियो, बयान और रील्स को सुनियोजित तरीके से कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बार-बार साझा किया गया। जांच में सामने आया है कि इन पोस्टों को तेजी से वायरल करने के लिए बड़ी संख्या में फर्जी अकाउंट सक्रिय किए गए थे। पुलिस का दावा है कि इन अकाउंट्स के जरिए भड़काऊ और विवादित सामग्री को व्यापक स्तर पर फैलाने की कोशिश की गई, जिससे सोशल मीडिया पर एक विशेष नैरेटिव तैयार किया जा सके।

विदेशी बॉट नेटवर्क के इस्तेमाल की आशंका

जांच एजेंसियों ने यह भी आशंका जताई है कि इस डिजिटल अभियान में विदेशी बॉट नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया। शुरुआती जांच के मुताबिक, हजारों बॉट अकाउंट्स के माध्यम से कम समय में बड़ी संख्या में पोस्ट शेयर और प्रमोट किए गए, ताकि कंटेंट अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। पुलिस का मानना है कि इस तरह की गतिविधियों का उद्देश्य सोशल मीडिया पर कृत्रिम रूप से ट्रेंड बनाना और लोगों को प्रभावित करना था।

Meta, Google और X से मांगी गई जानकारी

पूरे डिजिटल नेटवर्क का पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस ने Meta, Google और X समेत कई सोशल मीडिया कंपनियों से विस्तृत जानकारी मांगी है। पुलिस ने संबंधित अकाउंट्स के IP एड्रेस, सर्वर लॉग, अकाउंट डिटेल्स और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित ऑनलाइन अभियान के पीछे कौन लोग या संगठन थे और इसका संचालन किस तरह किया गया।

जांच जारी, डिजिटल नेटवर्क की हो रही पड़ताल

दिल्ली पुलिस का कहना है कि साइबर और फोरेंसिक जांच अभी जारी है। जांच के आधार पर यह स्पष्ट किया जाएगा कि सोशल मीडिया पर चलाए गए इस कथित अभियान में किन-किन लोगों की भूमिका रही और क्या इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय था। फिलहाल पुलिस सभी डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच कर रही है।

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