अयोध्या: श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस पद के लिए देशभर से करीब 5,300 आवेदन मिले थे, जिनमें से 18 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है। अब चयनित उम्मीदवारों के इंटरव्यू किए जा रहे हैं और इसके बाद अंतिम नाम तय किया जाएगा।
लेकिन सवाल यह है कि राम मंदिर ट्रस्ट का CEO बनने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी क्या होगी और यह पद इतना महत्वपूर्ण क्यों है?
कौन बन सकता है राम मंदिर का CEO?
आधिकारिक भर्ती मानदंड के मुताबिक, CEO का कार्यकाल 3 साल का होगा। बेहतर प्रदर्शन की स्थिति में इसे आगे बढ़ाया जा सकता है। इस पद के लिए न्यूनतम योग्यता ग्रेजुएशन रखी गई थी और उम्मीदवार की उम्र 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
उम्मीदवार के पास किसी बड़े सार्वजनिक संगठन, संस्था, विभाग या कंपनी में प्रबंधकीय जिम्मेदारी निभाने का कम से कम 20 साल का अनुभव भी जरूरी था। मंदिर या हिंदू धार्मिक संस्थान के प्रबंधन का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने की बात कही गई थी। वेतन आपसी बातचीत के आधार पर तय किया जाएगा।
CEO के जिम्मे होंगे ये बड़े काम
राम मंदिर ट्रस्ट के CEO की भूमिका सिर्फ प्रशासनिक अधिकारी तक सीमित नहीं होगी। उन्हें ट्रस्ट के कानूनी, प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज की निगरानी करनी होगी।
CEO की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होंगे—
- ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाना।
- अधिकारियों, कर्मचारियों और सेवकों के कामकाज की निगरानी करना।
- मंदिर और ट्रस्ट की मौजूदा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना।
- मंदिर के भविष्य के विकास की योजनाएं तैयार करना।
- कानून, सरकारी नियमों और ट्रस्ट डीड की शर्तों का पालन सुनिश्चित करना।
- ट्रस्ट के खातों और वित्तीय रिकॉर्ड में पारदर्शिता बनाए रखना।
- मंदिर और ट्रस्ट की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना।
- स्थानीय, राज्य और केंद्र सरकार के साथ आवश्यक समन्वय करना।

पूजा और धार्मिक आयोजनों की भी जिम्मेदारी
CEO को मंदिर में होने वाली पूजा-पाठ, धार्मिक उत्सव और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों की व्यवस्था को भी व्यवस्थित तरीके से संचालित कराना होगा। इसके अलावा मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधाओं और उनके अनुभव का ध्यान रखना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी।
खास मेहमानों और प्रमुख संतों के अयोध्या आगमन पर उचित व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना भी CEO के दायित्वों में शामिल होगा।
मंदिर की संपत्ति और प्रतिष्ठा की जिम्मेदारी
CEO को ट्रस्ट की संपत्तियों की सुरक्षा और नियमों के मुताबिक उनके इस्तेमाल या निवेश की निगरानी करनी होगी। साथ ही राम मंदिर और ट्रस्ट की प्रतिष्ठा बढ़ाने तथा सनातन परंपराओं को आगे बढ़ाने में भी योगदान देना होगा।
ट्रस्ट डीड में निर्धारित उद्देश्यों को पूरा करने के लिए योजनाएं बनाना और उन्हें ट्रस्टी मंडल व महामंत्री के निर्देशों के तहत प्रभावी ढंग से लागू करना भी CEO की जिम्मेदारी होगी।
क्यों अहम है यह पद?
राम मंदिर में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और आने वाले वर्षों में यहां धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ सुविधाओं और व्यवस्थाओं का और विस्तार होना है। ऐसे में CEO ट्रस्ट के प्रशासन, वित्त, सुरक्षा, श्रद्धालु सुविधाओं और विकास योजनाओं के बीच समन्वय की अहम कड़ी के तौर पर काम करेगा।
अब 18 उम्मीदवारों के इंटरव्यू के बाद यह तय होगा कि श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी की कमान किसे सौंपी जाती है।