पटना/नई दिल्ली: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) यानी LJP (Ram Vilas) ने आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए अपने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी का पुनर्गठन करते हुए संगठन में नए चेहरों को जगह दी है। इस बदलाव को पार्टी के विस्तार और आने वाले चुनावों की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
चिराग पासवान की पार्टी अब बिहार से आगे दूसरे राज्यों में भी अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। हाल में पार्टी ने उत्तर प्रदेश में भी चुनावी तैयारियां तेज करने का फैसला किया है और राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों पर संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करने की बात कही है।
नए चेहरों को संगठन में मौका
राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पुनर्गठन के जरिए पार्टी ने संगठन में नई जिम्मेदारियां और नई भूमिकाएं तय की हैं। इसका मकसद पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करना और चुनावी मैदान में कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाना बताया जा रहा है।
चिराग पासवान लगातार पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत करने और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पार्टी की विचारधारा पहुंचाने पर जोर दे रहे हैं।

आठ राज्यों के चुनाव पर नजर
LJP (रामविलास) की नजर सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है। पार्टी आने वाले समय में कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपना संगठन विस्तार कर रही है।
उत्तर प्रदेश पार्टी की रणनीति में खास तौर पर महत्वपूर्ण है। चिराग पासवान की अध्यक्षता में हुई बैठक में यूपी में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, बूथ स्तर तक नेटवर्क मजबूत करने और चुनावी तैयारियों पर चर्चा हुई थी।
यूपी में सभी 403 सीटों पर तैयारी
चिराग पासवान ने उत्तर प्रदेश में संगठन को सभी 403 विधानसभा सीटों तक पहुंचाने की तैयारी की है। पार्टी ने यूपी के लिए सांसद अरुण भारती को चुनाव प्रभारी भी बनाया है। हालांकि चुनाव में कितनी सीटों पर उम्मीदवार उतारे जाएंगे और गठबंधन का अंतिम स्वरूप क्या होगा, इसका फैसला बाद में किया जाना है।
पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह NDA के साथ है, लेकिन उत्तर प्रदेश में सीट बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला परिस्थितियों और बातचीत के आधार पर होगा।
बिहार से बाहर विस्तार की रणनीति
चिराग पासवान की राजनीति अब बिहार से आगे विस्तार की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। पार्टी का लक्ष्य अलग-अलग राज्यों में संगठन खड़ा करना और अपने राजनीतिक प्रभाव को बढ़ाना है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बदलाव को इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। नए चेहरों को जिम्मेदारी देकर पार्टी चुनावी राज्यों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
चुनाव से पहले संगठन को धार देने की कोशिश
चिराग पासवान के लिए आने वाला राजनीतिक दौर बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में संगठनात्मक बदलाव के जरिए पार्टी चुनाव से पहले अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने, बूथ स्तर तक नेटवर्क मजबूत करने और नए सामाजिक समूहों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है।
यानी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में बदलाव सिर्फ संगठनात्मक फेरबदल नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों के लिए LJP (रामविलास) की बड़ी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।