नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इमारत के मलबे में कई लोगों, खासकर छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटे हैं। हादसे में अब तक दो व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कुछ 10 लोगों को रेस्क्यू करके बाहर निकाला गया है, घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है।
मलबे में फंसे छात्रों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन
जानकारी के मुताबिक, हादसा सत्य निकेतन के पास मोती बाग इलाके में हुआ। यह इमारत छात्रों के रहने के लिए पीजी के तौर पर इस्तेमाल की जा रही थी। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, NDRF और अन्य आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंच गईं।
रेस्क्यू टीमों ने मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू कर दी। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक कई लोगों को बाहर निकाला जा चुका है और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। मलबे के अंदर अभी भी लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए बचाव अभियान लगातार जारी है।
छात्रों के फंसे होने की मिली जानकारी
स्थानीय विधायक अनिल शर्मा ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद बताया कि इमारत में कई छात्र रहते थे। उन्होंने कहा कि कुछ छात्रों की ओर से फोन कॉल भी आ रहे हैं, जिससे मलबे के अंदर लोगों के मौजूद होने की आशंका और मजबूत हुई है।
रेस्क्यू टीमों के सामने सबसे बड़ी चुनौती मलबे के बड़े ढेर को सुरक्षित तरीके से हटाना है, ताकि अंदर फंसे लोगों को नुकसान न पहुंचे। NDRF की टीम डॉग स्क्वॉड समेत आधुनिक उपकरणों की मदद से तलाश अभियान चला रही है।
दो व्यक्ति की मौत, घायलों का इलाज जारी
सत्य निकेतन के इमारत हादसे में अब तक 10 लोगों को मलबे में से निकाला गया है, जिसमे से 2 लोगों की मौत हो गई है. कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हालांकि, मलबे में फंसे लोगों की कुल संख्या को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। प्रशासन की ओर से रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद ही अंतिम आंकड़ा सामने आने की उम्मीद है।
CM रेखा गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा
हादसे की जानकारी मिलते ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली और मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता इस समय लोगों की जान बचाना और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद पहुंचाना है। हादसे के बाद आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
हादसे की वजह की जांच शुरू
इमारत आखिर किस वजह से गिरी, इसकी जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती रिपोर्टों में बेसमेंट में चल रहे काम को लेकर भी सवाल उठे हैं। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
घटना ने दिल्ली के उन इलाकों में चल रहे पीजी और बहुमंजिला निर्माण की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां बड़ी संख्या में छात्र रहते हैं। फिलहाल प्रशासन और बचाव एजेंसियों का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है।
अमित शाह ने जताई संवेदना
इस हादसे की ख़बर सुनते ही अमित शाह ने अपने आज के कार्यक्रम बीच मे ही रोक दिया, आज अमित शाह गोवा मे बीजेपी के नए कार्यालय के उद्घाटन समारोह मे गए थे, जब उन्हे इस हादसे की खबर मिली तो उन्होंने कार्यक्रम बीच मे ही रोकवा दिया ।
केन्द्रीय मंत्री अमित शाह ने इस दुर्घटना पर दुख जताया, उन्होंने कहा कि उन्होंने CM रेखा गुप्ता, दिल्ली के पुलिस कमिश्नर और NDRF के डायरेक्टर जनरल से बात कर ज़मीनी हालात का जायज़ा लिया है.