नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे ने सभी को झकझोर दिया। दक्षिण दिल्ली में एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई, जिसके बाद पुलिस, दमकल विभाग और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
हादसे को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने घटना पर चिंता जताते हुए इसे “दर्दनाक और चिंताजनक” बताया। राहुल गांधी ने कहा कि इस घटना की खबर बेहद परेशान करने वाली है। उन्होंने फंसे लोगों की सुरक्षित निकासी और राहत-बचाव कार्यों को प्राथमिकता देने की बात कही।
मलबे में फंसे लोगों के लिए रेस्क्यू जारी
घटना के बाद मौके पर दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस, एनडीआरएफ, एमसीडी, कैट्स और सिविल डिफेंस की टीमें पहुंचीं। प्रशासन की ओर से मलबे को हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश की जा रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कई लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल भेजा गया है।
बताया गया कि हादसे वाली इमारत में पीजी भी संचालित होता था और वहां कई छात्र रहते थे। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने भी आशंका जताई कि कुछ छात्र मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। हालांकि, फंसे लोगों की सही संख्या को लेकर आधिकारिक तौर पर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
सीएम रेखा गुप्ता ने भी जताई चिंता
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि सभी संबंधित एजेंसियां युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। एहतियात के तौर पर आसपास की इमारत को भी खाली कराया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता देना सरकार की प्राथमिकता है।
हादसे की वजह की जांच
बिल्डिंग गिरने की वजह को लेकर भी जांच की जा रही है। अधिकारियों और राहत टीमों की प्राथमिकता फिलहाल मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालना है। इसके बाद इमारत की स्थिति और हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी।