BRICS शिखर सम्मेलन से पहले भारत ने आर्थिक सहयोग और वैश्विक व्यापार को लेकर अपनी प्राथमिकताएं साफ कर दी हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने BRICS के जरिए व्यापार, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया। वहीं, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने BRICS के 20 साल पूरे होने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS की बड़ी भूमिका
पीयूष गोयल के मुताबिक, BRICS देश दुनिया की करीब आधी आबादी और वैश्विक GDP के लगभग 40 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं। वैश्विक व्यापार में भी इन देशों की हिस्सेदारी करीब एक-चौथाई है।
पीयूष गोयल ने कहा, “BRICS का उद्देश्य सदस्य देशों के नागरिकों के लिए रोजगार, संपत्ति और समृद्धि के नए अवसर पैदा करना है।”
भारत BRICS को अपने उत्पादों और कंपनियों के लिए नए बाजार तलाशने के साथ-साथ वैश्विक सप्लाई चेन को मजबूत करने के एक महत्वपूर्ण मंच के तौर पर देखता है।
बाजार खोलने और सप्लाई चेन मजबूत करने पर जोर
पीयूष गोयल ने BRICS देशों के बीच बाजारों तक बेहतर पहुंच बनाने की जरूरत पर जोर दिया। खासतौर पर कच्चे माल और महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता आसान बनाने की बात कही गई।
गोयल ने कहा कि सप्लाई चेन तभी मजबूत और भरोसेमंद बन सकती है, जब वह दोनों दिशाओं में प्रभावी तरीके से काम करे। उन्होंने गैर-टैरिफ बाधाओं को कम करने, नियामकीय प्रक्रियाओं को आसान बनाने और सामान की खेप को तेजी से मंजूरी देने की जरूरत बताई। भारत इंजीनियरिंग उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक्स और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में अपनी क्षमता बढ़ा रहा है। BRICS देशों को भारत इन उत्पादों के लिए एक बड़े संभावित बाजार के रूप में देखता है।
कृषि और सर्विस सेक्टर में सहयोग बढ़ाने की जरूरत
BRICS देशों के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी भारत का जोर है। एग्रीटेक स्टार्टअप्स को एक-दूसरे के साथ साझेदारी करने और नई तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की जरूरत बताई गई है। पीयूष गोयल ने कहा कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए BRICS देशों के एग्रीटेक स्टार्टअप्स को मिलकर काम करना चाहिए। इसके अलावा सेवा क्षेत्र में बाजारों को ज्यादा खुला बनाने और पेशेवरों की एक देश से दूसरे देश में आवाजाही आसान करने पर भी जोर दिया गया।
महिला उद्यमिता को मिलेगा वैश्विक मंच
भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है। देश में 2.5 लाख से अधिक स्टार्टअप्स में 45 प्रतिशत से ज्यादा में महिलाएं नेतृत्वकारी भूमिका में हैं। नई दिल्ली में हुई BRICS Women Business Alliance की बैठक को महिला उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय अवसर बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
UPI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बना भारत की ताकत
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियां भी BRICS सहयोग का अहम हिस्सा बन सकती हैं। भारत का UPI डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख सिस्टम में शामिल है और कई देशों में इसका इस्तेमाल हो रहा है।
भारत की कोशिश है कि BRICS देश अपने पेमेंट सिस्टम को आपस में जोड़ने की दिशा में काम करें, ताकि स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा दिया जा सके। इससे BRICS देशों के बीच डिजिटल लेनदेन को आसान बनाने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भुगतान की लागत कम करने में मदद मिल सकती है।
जयशंकर बोले- 20 साल का सफर ऐतिहासिक
BRICS बिजनेस फोरम के उद्घाटन के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने संगठन के 20 साल पूरे होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। जयशंकर ने कहा, “यह वर्ष विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह संस्थागत BRICS सहयोग के 20 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है।” उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में BRICS ने आर्थिक सहयोग और वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत के लिए क्यों अहम है BRICS?
BRICS भारत को व्यापार बढ़ाने, नए बाजार तलाशने, सप्लाई चेन मजबूत करने, डिजिटल तकनीक साझा करने और स्टार्टअप व महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने का अवसर देता है। भारत की कोशिश है कि BRICS को सिर्फ एक राजनीतिक मंच नहीं, बल्कि व्यापार, तकनीक, निवेश और आर्थिक सहयोग के मजबूत प्लेटफॉर्म के तौर पर विकसित किया जाए। अगर सदस्य देश बाजार पहुंच, स्थानीय मुद्रा में व्यापार और सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर ठोस सहयोग बढ़ाते हैं, तो इसका सीधा फायदा कारोबार और अर्थव्यवस्था को मिल सकता है।