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चीन में मिला नया टिक-बोर्न वायरस ALTNV, 329 मरीजों में संक्रमण, जानें कितनी खतरनाक है बीमारी

चीन में वैज्ञानिकों ने एक नए टिक-बोर्न वायरस की पहचान की है, जिसे एशियन लॉन्गहॉर्न्ड टिक नैरोवायरस (ALTNV) नाम दिया गया है।
टिक-बोर्न वायरस ALTNV
चीन में मिला नया टिक-बोर्न वायरस ALTNV

चीन में वैज्ञानिकों ने एक नए टिक-बोर्न वायरस की पहचान की है, जिसे एशियन लॉन्गहॉर्न्ड टिक नैरोवायरस (ALTNV) नाम दिया गया है। यह वायरस बुखार, थकान, पेट से जुड़ी समस्याओं, प्लेटलेट्स कम होने और लिवर एंजाइम बढ़ने जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, अकेले ALTNV का संक्रमण ज्यादातर मामलों में हल्का या मध्यम पाया गया, लेकिन अगर मरीज एक साथ Dabie bandavirus (DBV) से भी संक्रमित हो जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

यह वायरस चीन के मध्य और पूर्वी हिस्सों में सामने आया है। शोध में 3,163 मरीजों के ब्लड सैंपल की जांच की गई, जिनमें से 329 यानी करीब 10.4 प्रतिशत मरीज ALTNV से संक्रमित पाए गए। यह अध्ययन New England Journal of Medicine में प्रकाशित हुआ है।

कैसे हुई नए वायरस की पहचान?

इस रिसर्च की शुरुआत एक मेडिकल पहेली को सुलझाने के लिए हुई। शोधकर्ताओं ने पाया कि Severe Fever with Thrombocytopenia Syndrome (SFTS) जैसे लक्षण वाले करीब 30 प्रतिशत मरीजों में Dabie bandavirus की जांच निगेटिव आती थी। इसी अंतर को समझने के लिए बीजिंग स्थित State Key Laboratory of Pathogen and Biosecurity के वैज्ञानिकों ने टिक के काटने के बाद अस्पताल पहुंचे मरीजों के ब्लड सैंपल की जांच शुरू की।

शोधकर्ताओं ने RNA sequencing और वायरस isolation जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया। जांच में 329 मरीजों में ALTNV की मौजूदगी की पुष्टि हुई। वहीं, DBV के लिए निगेटिव पाए गए मरीजों में ALTNV संक्रमण की दर करीब 15.1 प्रतिशत रही।

ALTNV से संक्रमित मरीजों में क्या लक्षण दिखे?

शोध के मुताबिक, अकेले ALTNV से संक्रमित मरीजों में बीमारी आमतौर पर हल्की से मध्यम रही। कई मरीजों में फ्लू जैसे लक्षण देखने को मिले।

सबसे ज्यादा सामने आए लक्षणों में शामिल हैं:

  • 84 प्रतिशत मरीजों में थकान
  • 80 प्रतिशत मरीजों में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल यानी पेट से जुड़ी समस्याएं
  • 38 प्रतिशत मरीजों में प्लेटलेट्स की संख्या कम हुई
  • 36 प्रतिशत मरीजों में लिवर एंजाइम बढ़े

शोधकर्ताओं के अनुसार, ALTNV से अकेले संक्रमित मरीजों को मुख्य रूप से सपोर्टिव केयर दी गई और वे पूरी तरह ठीक हो गए।

DBV के साथ संक्रमण हुआ तो बढ़ गया खतरा

ALTNV संक्रमण का सबसे गंभीर पहलू तब सामने आया जब मरीज एक साथ Dabie bandavirus से भी संक्रमित थे।

शोध में 38 ऐसे मरीज मिले जो ALTNV और DBV दोनों से संक्रमित थे। इनमें बीमारी की गंभीरता अकेले ALTNV संक्रमण की तुलना में काफी ज्यादा थी।

इन मरीजों में:

  • 84 प्रतिशत को किडनी से जुड़ी समस्या हुई
  • 61 प्रतिशत में सांस संबंधी दिक्कतें सामने आईं
  • 7 मरीजों यानी 18.4 प्रतिशत की मौत हो गई

इससे पता चलता है कि दोनों वायरस का एक साथ संक्रमण मरीज के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।

कहां मिला ALTNV और कौन है इसका वाहक?

जीनोमिक विश्लेषण के आधार पर ALTNV को Nairoviridae परिवार के Orthonairovirus के रूप में वर्गीकृत किया गया है।शोधकर्ताओं ने चीन के 15 प्रांतों में 47,400 से ज्यादा टिकों की जांच की। इनमें करीब 1.3 प्रतिशत टिकों में वायरस की मौजूदगी मिली। वैज्ञानिकों ने पाया कि ALTNV का प्रमुख वाहक Haemaphysalis longicornis है, जिसे आमतौर पर Asian longhorned tick कहा जाता है। लैब टेस्ट में भी यह पुष्टि हुई कि यह टिक जानवरों तक वायरस पहुंचा सकता है।

क्या ALTNV चीन से बाहर फैल चुका है?

फिलहाल ALTNV के चीन या पूर्वी एशिया से बाहर फैलने का कोई सबूत नहीं मिला है। हालांकि, वैज्ञानिक इस वायरस पर नजर बनाए हुए हैं। चिंता की एक वजह यह भी है कि Asian longhorned tick अब अमेरिका के 20 से ज्यादा राज्यों में अपनी मौजूदगी बना चुका है। यह टिक 2017 के बाद से अमेरिका में तेजी से फैलने वाले invasive vectors में शामिल रहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि ALTNV अमेरिका पहुंच चुका है। फिलहाल वायरस के चीन से बाहर फैलने की पुष्टि नहीं हुई है।

आम वायरल बीमारी से मिलते-जुलते हैं लक्षण

ALTNV की शुरुआती बीमारी के लक्षण सामान्य वायरल इंफेक्शन जैसे हो सकते हैं। इसी वजह से इसकी पहचान करना डॉक्टरों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। शोधकर्ताओं ने अलग-अलग टिक-बोर्न वायरस की पहचान के लिए बेहतर और विस्तृत डायग्नोस्टिक पैनल तैयार करने की जरूरत पर जोर दिया है। सही पहचान इसलिए भी जरूरी है क्योंकि वायरल संक्रमण में एंटीबायोटिक्स प्रभावी नहीं होते। ऐसे में अलग-अलग टिक-बोर्न वायरस के बीच अंतर करना मरीज को सही सपोर्टिव ट्रीटमेंट देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

अभी घबराने की जरूरत है?

फिलहाल ALTNV को लेकर वैश्विक स्तर पर घबराने की जरूरत नहीं है। उपलब्ध शोध के अनुसार, अधिकांश मरीजों में अकेले ALTNV संक्रमण हल्का या मध्यम रहा और वे पूरी तरह ठीक हुए। हालांकि, DBV के साथ को-इंफेक्शन गंभीर परिणाम दे सकता है।

वैज्ञानिकों के लिए अब सबसे अहम सवाल यह है कि यह वायरस कितने व्यापक स्तर पर मौजूद है, इसके संक्रमण का वास्तविक जोखिम कितना है और क्या यह भविष्य में अपने मौजूदा भौगोलिक क्षेत्र से बाहर फैल सकता है।

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