चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दिल्ली दौरे को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे जिनपिंग की सुरक्षा के लिए NSG, SPG, SWAT और दिल्ली पुलिस की विशेष टीमें तैनात की गई हैं। उनकी यात्रा को देखते हुए होटल से लेकर कार्यक्रम स्थल और पूरे रूट पर सुरक्षा का विशेष घेरा बनाया गया है।
शी जिनपिंग 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित BRICS समिट में हिस्सा ले रहे हैं। यह सात साल बाद उनका भारत दौरा है। उनकी यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत और चीन 2020 के गलवान संघर्ष के बाद रिश्तों में आई तल्खी को धीरे-धीरे कम करने की कोशिश कर रहे हैं।
सुरक्षा के लिए बनाया गया खास प्लान
जिनपिंग की सुरक्षा को लेकर दिल्ली में कई स्तरों पर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। उनके होटल और आने-जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा एजेंसियों की विशेष निगरानी है। रिपोर्टों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था में होटल की छतों से लेकर ग्राउंड लेवल तक जवानों की तैनाती की गई है। साथ ही कर्मचारियों और सुरक्षा से जुड़े लोगों की भी जांच की गई है।
जिनपिंग की यात्रा के दौरान VVIP मूवमेंट के चलते दिल्ली के कई हिस्सों में ट्रैफिक नियंत्रण और डायवर्जन भी लागू हैं। BRICS समिट में कई राष्ट्राध्यक्षों की मौजूदगी के कारण राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद संवेदनशील रखा गया है।
अपनी खास बख्तरबंद कार से चलेंगे शी जिनपिंग
शी जिनपिंग के दिल्ली दौरे में उनकी खास Hongqi N701 भी चर्चा में है। यह चीन के शीर्ष नेतृत्व के लिए तैयार की गई बेहद सुरक्षित बख्तरबंद लिमोजिन है।
रिपोर्टों के मुताबिक, यह कार विशेष रूप से चीनी राष्ट्रपति की सुरक्षा और आधिकारिक यात्राओं के लिए तैयार की गई है। इसकी बख्तरबंद बॉडी और अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था इसे आम लग्जरी कारों से अलग बनाती है।
कार में सुरक्षा की कई परतें
Hongqi N701 को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, इसमें बुलेटप्रूफ सुरक्षा, आर्मर प्लेटिंग और सुरक्षित कम्युनिकेशन सिस्टम जैसी सुविधाएं मौजूद हैं। यह कार चीन के शीर्ष नेतृत्व के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है और इसे सामान्य बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध नहीं कराया जाता।
7 साल बाद भारत आए हैं शी जिनपिंग
शी जिनपिंग का यह दौरा भारत-चीन संबंधों के लिहाज से भी अहम है। वह आखिरी बार 2019 में भारत आए थे। इसके बाद 2020 में गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प ने दोनों देशों के रिश्तों को गंभीर रूप से प्रभावित किया था।
अब BRICS समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक भी होनी है। दोनों नेताओं की बातचीत में सीमा विवाद, व्यापार और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दे अहम रह सकते हैं।
सुरक्षा के साथ कूटनीति पर भी नजर
शी जिनपिंग की दिल्ली यात्रा सिर्फ BRICS बैठक तक सीमित नहीं है। सात साल बाद उनकी भारत यात्रा और मोदी के साथ प्रस्तावित मुलाकात को दोनों देशों के रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एक तरफ राजधानी में जिनपिंग की सुरक्षा के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं, तो दूसरी तरफ उनकी पीएम मोदी के साथ होने वाली बातचीत पर भी पूरी दुनिया की नजर है। ऐसे में सुरक्षा के साथ-साथ भारत-चीन संबंधों में आगे की दिशा तय करने के लिहाज से भी यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।