नई दिल्ली: भारत की राजधानी दिल्ली में आयोजित BRICS Summit 2026 में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को खत्म कराने के लिए BRICS देशों से शांतिदूत की भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि चीन इस दिशा में BRICS के अन्य सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने को तैयार है।
चीनी सरकारी मीडिया CCTV के मुताबिक, शी जिनपिंग ने कहा कि मध्य पूर्व और खाड़ी क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए BRICS देशों को अपनी उचित भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि युद्ध से पूरे क्षेत्र के लोगों को भारी नुकसान हुआ है और यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साझा हितों के अनुरूप नहीं है।
शी जिनपिंग ने कहा कि चीन BRICS के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता लाने के लिए काम करने को तैयार है। उन्होंने BRICS देशों से संप्रभुता के उल्लंघन का विरोध करने और हर तरह के संरक्षणवाद को खारिज करने का भी आग्रह किया।
ट्रंप के टैरिफ पर भी निशाना
BRICS Summit में शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति का भी विरोध किया। उन्होंने BRICS देशों से मनमाने टैरिफ और हर तरह के संरक्षणवाद का विरोध करने की अपील की। शी ने कहा कि BRICS देशों को खुले और सहयोगात्मक वैश्विक व्यापार व्यवस्था को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने सदस्य देशों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया। चीनी राष्ट्रपति ने AI के जरिए नए औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक पहल का प्रस्ताव भी रखा।
अगले साल BRICS की अध्यक्षता करेगा चीन
शी जिनपिंग ने बताया कि चीन अगले साल BRICS की अध्यक्षता संभालेगा और 19वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इससे पहले भारत 2026 में BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और नई दिल्ली में 18वें शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
सात साल बाद भारत आए शी जिनपिंग
शी जिनपिंग करीब सात साल के अंतराल के बाद भारत पहुंचे हैं। वह आखिरी बार अक्टूबर 2019 में भारत आए थे। उस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात चेन्नई के पास महाबलीपुरम में हुई थी। इसके बाद जून 2020 में गलवान घाटी में भारत और चीन के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसके बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव बढ़ गया और सीमा पर सैनिकों की तैनाती भी बढ़ाई गई। हालांकि, इसके बाद दोनों नेताओं की विदेश में कई महत्वपूर्ण मुलाकातें हुईं। अक्टूबर 2024 में कजान में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी और शी की मुलाकात हुई। इसके बाद अगस्त 2025 में तियानजिन में SCO बैठक के दौरान भी दोनों नेताओं की मुलाकात हुई थी।
इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शी जिनपिंग को 2026 के BRICS शिखर सम्मेलन के लिए भारत आने का निमंत्रण दिया था।