राजनीतिक रणनीतिकार और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने देश के मुस्लिम समुदाय से एक बड़ी अपील की है। उन्होंने कहा है कि मुसलमानों को अब किसी दूसरे दल या नेता के पिछलग्गू बनकर रहने की जरूरत नहीं है। राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए उन्हें खुद आगे आना होगा।
प्रशांत किशोर का मानना है कि जब तक समुदाय खुद राजनीतिक मोर्चे पर नेतृत्व नहीं संभालेगा, तब तक उसकी वास्तविक समस्याएं हल नहीं हो सकतीं और न ही उसे सत्ता में उचित भागीदारी मिल पाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपनी राजनीतिक ताकत को पहचानें और चुनावी मैदान में खुद नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभाएं।