सऊदी अरब के पवित्र शहर मक्का के पास ड्रोन इंटरसेप्ट किए जाने की घटना पर भारत ने गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय ने सऊदी अरब की संप्रभुता पर होने वाले हमलों और नागरिकों की जान तथा बुनियादी ढांचे को खतरे में डालने वाली कार्रवाइयों की निंदा की है। भारत ने उम्मीद जताई है कि क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी।
मक्का की धार्मिक अहमियत को देखते हुए भारत चिंतित
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा, “मक्का के पास हुए ड्रोन हमले पर हमें गहरी चिंता है। भारत सऊदी अरब के संप्रभु क्षेत्र पर हमलों और नागरिकों के जीवन तथा बुनियादी ढांचे को खतरे में डालने वाली हर कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है। मक्का के पास हुई यह घटना विशेष रूप से चिंताजनक है, क्योंकि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इस शहर का अत्यंत पवित्र महत्व है।” जायसवाल ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि क्षेत्र में जल्द शांति और स्थिरता बहाल होगी।
सऊदी एयर डिफेंस ने मक्का के दक्षिण में ड्रोन गिराया
सऊदी अरब के मुताबिक, मंगलवार शाम मक्का के दक्षिणी इलाके में रॉयल सऊदी एयर डिफेंस फोर्स ने एक ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। सऊदी नेतृत्व वाले यमन गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने बताया कि यह कार्रवाई शाम करीब 6:50 बजे की गई। उनके अनुसार, ड्रोन मक्का के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही नष्ट कर दिया गया।
सऊदी अरब ने बताया मक्का को निशाना बनाने की दूसरी कोशिश
अल-मालिकी ने दावा किया कि यह मक्का को निशाना बनाने की दूसरी कोशिश थी। उनके मुताबिक, इससे पहले 27 जुलाई 2017 को भी मक्का की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने की घटना हुई थी। उन्होंने कहा कि दो पवित्र मस्जिदों और उमराह यात्रियों की सुरक्षा सऊदी अरब के लिए “रेड लाइन” है और ऐसी घटनाओं के खिलाफ जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
हूतियों ने मक्का को निशाना बनाने से किया इनकार
हालांकि, सऊदी अरब के आरोपों के बीच हूती समूह ने मक्का को निशाना बनाने की बात से इनकार किया है। रॉयटर्स और एपी की रिपोर्टों के मुताबिक, हूतियों ने मक्का या अन्य धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने के आरोप को खारिज किया है।
मक्का दुनिया भर के मुसलमानों के लिए सबसे पवित्र शहर है। ऐसे में उसके आसपास किसी भी सैन्य घटना ने क्षेत्रीय सुरक्षा और धार्मिक संवेदनशीलता को लेकर चिंता बढ़ा दी है।