बिहार के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल गयाजी में पितृपक्ष मेला शुरू होने से ठीक पहले ऑनलाइन माध्यम से पिंडदान और कर्मकांड कराने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस व्यवस्था के सामने आने के बाद स्थानीय पंडा समाज और तीर्थ पुरोहितों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। पंडा समाज ने इसके खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है और इसे धार्मिक परंपराओं के खिलाफ बताया है।
विरोध कर रहे तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि गयाजी में आकर विधि-विधान के साथ पिंडदान करने का विशेष महत्व है। ऑनलाइन या डिजिटल माध्यम से कराए जा रहे कर्मकांड से धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है। पंडा समाज ने प्रशासन और संबंधित पक्षों से इस तरह की ऑनलाइन सेवाओं पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। उनका तर्क है कि इससे गयाजी की प्राचीन तीर्थ परंपरा प्रभावित हो रही है।