दुनियाभर में रूस के खिलाफ प्रतिबंधों की वकालत करने वाले अमेरिका की नीयत पर अब उसी के देश के भीतर सवाल उठने लगे हैं। अमेरिका के एक पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) ने देश की नीति पर कड़ा एराज जताया है। उन्होंने कहा कि यह बेहद हैरान करने वाला है कि वाशिंगटन एक तरफ मॉस्को पर वैश्विक पाबंदियां लगाने की मांग करता है, वहीं दूसरी ओर खुद अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए रूस से यूरेनियम का आयात धड़ल्ले से जारी रखे हुए है।
पूर्व एनएसए ने इस दोहरे रुख की आलोचना करते हुए कहा कि कूटनीति और व्यापार में इस तरह का विरोधाभास सही नहीं है। अमेरिकी प्रशासन की इस नीति से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि पर भी असर पड़ रहा है। जानकारों का मानना है कि परमाणु संयंत्रों के लिए ईंधन के रूप में रूसी यूरेनियम पर अमेरिका की निर्भरता इतनी आसानी से खत्म नहीं हो पा रही है, जिसके चलते अमेरिका को मजबूरन यह कदम उठाना पड़ रहा है।