अरविंद केजरीवाल से एस जयशंकर तक को चुनाव आयोग का नोटिस, जानिए क्या है पूरा मामला

चुनाव आयोग ने कई बड़े नेताओं को नोटिस जारी किया है, जिसमें अरविंद केजरीवाल और एस जयशंकर जैसे नाम शामिल हैं। आइए जानते हैं आयोग की इस कार्रवाई पर क्या प्रतिक्रिया सामने आई है।

नई दिल्ली: दिल्ली में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी नोटिसों पर चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है। आयोग ने कहा है कि किसी मतदाता को नोटिस जारी किए जाने का मतलब यह नहीं है कि उसका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया जाएगा। नोटिस SIR प्रक्रिया के तहत सामने आई जानकारी की विसंगतियों को दूर करने और रिकॉर्ड के सत्यापन के लिए जारी किए जा रहे हैं।

SIR के दौरान कई प्रमुख नेताओं, अधिकारियों और अन्य लोगों के नाम भी नोटिस वाली सूची में सामने आए हैं। इनमें अरविंद केजरीवाल, एस. जयशंकर, एलके आडवाणी, जगदीप धनखड़ और मनीष सिसोदिया समेत कई नाम शामिल हैं।

क्यों जारी किए जा रहे हैं नोटिस?

दिल्ली में SIR के तहत 31 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, कुछ मतदाताओं के मौजूदा रिकॉर्ड का पिछली गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो पाया या उनके विवरण में विसंगति पाई गई। ऐसे मामलों में सिस्टम के जरिए नोटिस जारी किए जा रहे हैं, ताकि मतदाता अपनी जानकारी और जरूरी दस्तावेज देकर रिकॉर्ड को सही करा सकें।

नोटिस मिलने पर नाम नहीं कटेगा

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने साफ किया है कि नोटिस जारी होना अपने आप में मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया नहीं है। आयोग के मुताबिक, किसी मतदाता का नाम हटाने से पहले उसे अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। इसके बाद उचित प्रक्रिया के तहत आदेश जारी किया जाएगा, जिसके खिलाफ अपील का भी प्रावधान होगा।

33 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस

अधिकारियों के अनुसार, ड्राफ्ट मतदाता सूची में 97 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम शामिल हैं। इनमें से करीब 33.13 लाख मतदाताओं को अलग-अलग विसंगतियों के संबंध में नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की है जिनका रिकॉर्ड 2002 की पिछली SIR मतदाता सूची से लिंक नहीं हो पाया है।

बड़े नाम भी नोटिस सूची में

SIR की प्रक्रिया के दौरान कई प्रमुख लोगों के नाम नोटिस वाली सूची में सामने आए हैं। इनमें विदेश मंत्री एस. जयशंकर, पूर्व उप प्रधानमंत्री एलके आडवाणी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, पूर्व दिल्ली उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पूर्व सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी और CBI निदेशक प्रवीण सूद सहित कई नाम शामिल हैं।

चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू का नाम भी एक विसंगति के कारण चिन्हित किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, दस्तावेजों के सत्यापन के बाद उनकी एंट्री को अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए वैलिडेट कर दिया गया है।

मतदाताओं को क्या करना होगा?

जिन लोगों को नोटिस जारी हुआ है, वे संबंधित Electoral Registration Officer (ERO) या Booth Level Officer (BLO) के पास अपना जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा कर सकते हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, नोटिस मिलने वाले मतदाताओं के मामलों की जांच दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर की जाएगी। इसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

4 नवंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

दिल्ली SIR की प्रक्रिया में दावे और आपत्तियां 30 सितंबर तक ली जाएंगी। संबंधित मतदाताओं को अपने जवाब और दस्तावेज जमा करने के लिए 29 अक्टूबर तक का समय दिया गया है। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित की जानी है। चुनाव आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो।

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