कानपुर: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विपक्षी दलों के सामने गठबंधन का प्रस्ताव रखा है। कानपुर में रविवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी उन दलों के साथ हाथ मिलाने के लिए तैयार है, जो उत्तर प्रदेश में बीजेपी की तीसरी बार सरकार बनने का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि AIMIM अपने संभावित गठबंधन का ऐलान 2 अक्टूबर को करेगी।
‘बीजेपी को रोकना है तो AIMIM से हाथ मिलाइए’
बाबूपुरवा ईदगाह मैदान में हुई जनसभा में ओवैसी ने कहा कि AIMIM भी नहीं चाहती कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार तीसरी बार बने। उन्होंने विपक्षी दलों से अपील की कि अगर वे बीजेपी को सत्ता में लौटने से रोकना चाहते हैं तो AIMIM के साथ गठबंधन करें।
ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी 2 अक्टूबर तक गठबंधन को लेकर इंतजार करेगी। जिसके साथ समझौता होगा, उसके साथ मिलकर AIMIM विधानसभा चुनाव लड़ेगी।
अखिलेश यादव पर ओवैसी का निशाना
जनसभा में ओवैसी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र किया और कहा कि उस दौरान बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए थे। ओवैसी ने दावा किया कि करीब 50 हजार लोग अपने घरों और गांवों से बेघर हुए। यह आंकड़ा और दंगों के दौरान सरकार की भूमिका को लेकर ओवैसी द्वारा लगाए गए आरोप उनके राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं। उन्होंने सपा समेत अलग-अलग राजनीतिक दलों पर मुस्लिम समुदाय की शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े मुद्दों का पर्याप्त समाधान नहीं करने का आरोप लगाया।
‘मुसलमानों को विधानसभा में अपनी आवाज चाहिए’
ओवैसी ने उत्तर प्रदेश में AIMIM की राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को विधानसभा में अपनी राजनीतिक आवाज की जरूरत है।
AIMIM प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी सिर्फ चुनाव के समय वोट मांगने के बजाय शिक्षा, रोजगार, संपत्ति और राजनीतिक हिस्सेदारी जैसे मुद्दों को उठाना चाहती है।
मदरसों और मुस्लिम उलेमाओं का भी किया जिक्र
ओवैसी ने अपने भाषण में कानपुर के मदरसों और स्वतंत्रता आंदोलन में मुस्लिम उलेमाओं की भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान मुस्लिम धार्मिक विद्वानों ने अंग्रेजों के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों को लेकर भी सवाल उठाए और मुस्लिम समुदाय से जुड़े मुद्दों को चुनावी बहस का हिस्सा बनाने की बात कही।
AIMIM की चुनावी रणनीति क्या है?
ओवैसी की ताजा घोषणा से साफ है कि AIMIM ने उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। पार्टी फिलहाल गठबंधन की संभावनाएं खुली रख रही है और 2 अक्टूबर तक अपने सहयोगियों को लेकर फैसला करने की बात कह रही है। NDTV के मुताबिक AIMIM उत्तर प्रदेश की करीब 150 से 200 विधानसभा सीटों में संगठन मजबूत करने पर काम कर रही है, हालांकि यह पार्टी की तैयारी का लक्ष्य है, अंतिम सीट सूची नहीं।
वहीं, AIMIM के लिए गठबंधन का सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में करीब 95 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन कोई सीट नहीं जीत सकी थी। अब पार्टी संगठन विस्तार और संभावित गठबंधन के जरिए 2027 के चुनाव में अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
2 अक्टूबर पर सबकी नजर
फिलहाल AIMIM ने किसी दल के साथ गठबंधन की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ओवैसी ने 2 अक्टूबर की तारीख तय की है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि AIMIM किन दलों के साथ चुनावी समझौते की दिशा में आगे बढ़ती है और उत्तर प्रदेश के विपक्षी राजनीतिक समीकरण पर इसका क्या असर पड़ता है।