लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 24 सितंबर को रायबरेली दौरे पर जाएंगे। इस दौरान वह हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल लोधी के घर पहुंचकर चाय पिएंगे। इस दौरे की खास बात यह है कि अखिलेश यादव लखनऊ से पूरी यात्रा रथ के जरिए नहीं करेंगे। वह रायबरेली की सीमा में प्रवेश करने के बाद चुरुआ से समाजवादी PDA रथ पर सवार होकर राहुल लोधी के घर जाएंगे। यह दौरा उस विवाद के बाद हो रहा है, जिसमें राहुल लोधी ने पुलिस पर उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट का आरोप लगाया था।
फिरोज गांधी कॉलेज विवाद के बाद बढ़ी सियासत
17 सितंबर को रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में समाजवादी छात्र सभा और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच सदस्यता अभियान को लेकर विवाद हुआ था। बताया गया कि दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मामला बढ़ गया और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। सपा नेताओं का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों को हटाने के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और इसी दौरान विधायक राहुल लोधी के साथ भी धक्का-मुक्की हुई। वहीं, पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद हो रहा था और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बीच-बचाव किया गया।
अखिलेश ने किया था राहुल लोधी के घर जाने का ऐलान
विवाद के बाद राहुल लोधी और रायबरेली के कई सपा नेता अखिलेश यादव से मिलने पहुंचे थे। मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा था कि वह खुद रायबरेली जाएंगे और राहुल लोधी के घर चाय पीएंगे। अब पार्टी की ओर से उनके दौरे का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इस दौरे में सबसे ज्यादा चर्चा PDA रथ की हो रही है। यह पहली बार होगा जब अखिलेश यादव इस रथ के जरिए रायबरेली पहुंचेंगे।
PDA रथ को लेकर सियासी संदेश
समाजवादी पार्टी का PDA फॉर्मूला पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को जोड़ने की रणनीति से जुड़ा है। सपा राहुल लोधी से जुड़े मामले को सामाजिक प्रतिनिधित्व और PDA मुद्दे से जोड़कर उठा रही है। राहुल लोधी लोधी समाज से आते हैं, जिसे पार्टी अपने सामाजिक समीकरण का हिस्सा मानती है। 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए सपा प्रदेश में संगठन को मजबूत करने और जनता तक पहुंच बढ़ाने की तैयारी में जुटी है। ऐसे में PDA रथ के जरिए रायबरेली पहुंचने के कार्यक्रम को पार्टी के जनसंपर्क अभियान से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
रायबरेली से ही क्यों शुरू हो रहा PDA रथ?
रायबरेली में लोधी और पासी समाज की अच्छी मौजूदगी है। इसी वजह से सपा के इस कार्यक्रम को सामाजिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी की योजना PDA रथ के जरिए प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचने और कार्यकर्ताओं से संवाद बढ़ाने की है। यानी राहुल लोधी के घर चाय पीने का कार्यक्रम भले ही एक स्थानीय विवाद के बाद तय हुआ हो, लेकिन PDA रथ की शुरुआत इसे एक बड़े राजनीतिक और संगठनात्मक अभियान का रूप दे रही है।
2027 चुनाव की तैयारी में सपा
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति तैयार कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी की ओर से संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं से संपर्क और सामाजिक समीकरणों को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। अखिलेश यादव का रायबरेली दौरा इसी अभियान का एक हिस्सा माना जा रहा है।