नवरात्रि से पहले मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गरबा आयोजनों में मुस्लिम युवाओं की भागीदारी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। हुजूर से बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा के एक बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया है। शर्मा ने कहा कि अगर मुस्लिम युवक गरबा में शामिल होना चाहते हैं तो उन्हें अकेले नहीं, बल्कि अपनी बहन-बेटियों और परिवार के साथ आना चाहिए। उनके बयान पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं ने आपत्ति जताई है।
रामेश्वर शर्मा ने क्या कहा?
रामेश्वर शर्मा ने एक कार्यक्रम में गरबा में मुस्लिम युवाओं की भागीदारी को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अगर मुस्लिम युवक गरबा में आना चाहते हैं तो अपनी बहन-बेटियों को भी साथ लेकर आएं। उन्होंने गरबा को धार्मिक आयोजन बताते हुए कहा कि इसमें देवी की आराधना की भावना से शामिल होना चाहिए।
विधायक ने अपने बयान में ‘लव जिहाद’ का भी जिक्र किया और कहा कि गरबा को लेकर किसी तरह की गलत गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू युवाओं की ओर से बहनों की सुरक्षा की जाएगी।
बयान पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति
रामेश्वर शर्मा के बयान के बाद कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने उनकी आलोचना की। मसूद ने बयान को आपत्तिजनक बताते हुए शर्मा से अपना रवैया सुधारने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की बयानबाजी से धार्मिक माहौल प्रभावित हो सकता है।
AIMIM की मध्य प्रदेश इकाई ने भी बयान की आलोचना की। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान ने शर्मा से संविधान पढ़ने की बात कही और आरोप लगाया कि ऐसे बयानों से समाज में विभाजन बढ़ता है।
रामेश्वर शर्मा ने दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद रामेश्वर शर्मा ने अपने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी बात वापस नहीं ली है। उन्होंने कहा कि उनके बयान को पूरा सुना जाना चाहिए। शर्मा के मुताबिक, गरबा सनातन परंपरा और देवी की आराधना से जुड़ा आयोजन है और इसमें शामिल होने वालों को धार्मिक भावना के साथ आना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका विरोध किसी समुदाय के लोगों के गरबा में आने से नहीं, बल्कि कथित तौर पर गलत गतिविधियों से है। शर्मा ने दोहराया कि अगर कोई गरबा में आता है तो वह अपने परिवार के साथ आए और आयोजन में धार्मिक भावना के साथ शामिल हो।
गरबा में एंट्री को लेकर पहले से चल रही बहस
मध्य प्रदेश में नवरात्रि से पहले गरबा आयोजनों में प्रवेश को लेकर हर साल बहस होती रही है। इस बार भी कुछ आयोजनों में पहचान जांच और गैर-हिंदुओं की एंट्री को लेकर चर्चा हो रही है। इसी बीच रामेश्वर शर्मा के बयान ने इस मुद्दे को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।
गरबा नवरात्रि के दौरान होने वाला प्रमुख धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन है। भोपाल समेत मध्य प्रदेश के कई शहरों में इसके बड़े आयोजन होते हैं। इस साल नवरात्रि से पहले नेताओं के बयानों के कारण आयोजन में प्रवेश और भागीदारी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है।
बयान को लेकर राजनीतिक घमासान जारी
फिलहाल रामेश्वर शर्मा के बयान को लेकर बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाजी जारी है। शर्मा ने अपने बयान को धार्मिक आयोजन की मर्यादा और सुरक्षा से जोड़कर सही ठहराया है, जबकि कांग्रेस और AIMIM ने उनकी भाषा पर सवाल उठाए हैं।


