भारतीय जनता पार्टी ने आज राज्यसभा उम्मीदवारो के नाम का ऐलान कर दिया है. जिसमे बीजेपी ने पश्चिम बंगाल से कोयल मालिक और उत्तराखंड से दिनेश आर्य को राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित किया है. सबसे खास बात ये है की कोयल मालिक पहले TMC में थी बाद में कोयल मालिक TMC छोड़ बीजेपी में शामिल हुई है, कुछ समय पहले ही उन्होंने TMC से राज्यसभा सांसद बनी कोयल मालिक ने अपने पद से इस्तीफा दिया था, अब भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें अपना उम्मीदवार घोषित किया है. वही बीजेपी ने उत्तराखंड से दिनेश आर्य को मौका दिया है. दिनेश आर्य बीजेपी के नैनीताल जिला अध्यक्ष भी रह चुके हैं. उन्हें उत्तराखंड में राज्यमंत्री का पद भी मिला हुआ है. इससे पहले चर्चा थी कि वे पिछले विधानसभा चुनाव में टिकट न मिलने से नाराज थे. हालांकि अब पार्टी ने बड़ा तोहफा दिया है.
खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की 11 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव और पश्चिम बंगाल की एक सीट के लिए उपचुनाव 16 अक्टूबर को होंगे. वोटिंग सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगी और उसी दिन वोटों की गिनती भी की जाएगी. उत्तराखंड से राज्यसभा सदस्य बीजेपी के नरेश बंसल इस साल नवंबर में रिटायर होने वाले हैं.

पश्चिम बंगाल में क्यों हो रहा राज्यसभा उपचुनाव?
पश्चिम बंगाल की एक राज्यसभा सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है. यह चुनाव उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों के साथ आयोजित किया जा रहा है. पश्चिम बंगाल की यह सीट 16 जुलाई 2026 को रुक्मिणी मल्लिक, जिन्हें कोयल मल्लिक के नाम से भी जाना जाता है के राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई थी. उनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2032 तक था.
कोयल मल्लिक जुलाई 2026 में राज्यसभा से इस्तीफा देने वाली चौथी सांसद थीं. इससे पहले सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बारिक ने भी उच्च सदन की सदस्यता से इस्तीफा दिया था. बाद में इन तीनों नेताओं ने बीजेपी का दामन थाम लिया और दोबारा राज्यसभा के लिए चुने गए. राज्यसभा सीटों के खाली होने और उसके बाद हुए चुनावों का घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की बदली राजनीतिक परिस्थितियों के बीच सामने आया है. 2026 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिले. विधानसभा में 57 विधायकों के समर्थन के बाद ऋतब्रत बनर्जी के विपक्ष के नेता बनने के साथ टीएमसी के भीतर भी राजनीतिक मतभेद सामने आए. यह बगावत बाद में संसद के दोनों सदनों तक फैल गई, जिसमें कई नेताओं ने टीएमसी छोड़कर बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन दिया।
TMC के टिकट पर राज्यसभा पहुंची थीं कोयल
कोयल मालिक को 2026 में TMC ने राज्यसभा सांसद बनी थीं. कोयल मालिक ने राज्यसभा सांसद की शपथ लेने के कुछ समय बाद ही इस्तीफ़ा दे दिया था. 16 जुलाई को कोयल मालिक ने राज्यसभा के सभापति को अपना इस्तीफा सौंपा था.