भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार, 6 अक्टूबर को सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने का ऐलान कर दिया. यह फैसला गुवाहाटी में हुई BCCI की रिव्यू मीटिंग के एक दिन बाद सामने आया. बैठक में हरमनप्रीत के अलावा उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार भी शामिल हुए थे. हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी और साफ किया कि वह क्रिकेट खेलना जारी रखेंगी. उन्होंने कहा कि कप्तानी छोड़ने का फैसला आसान नहीं था, क्योंकि इसमें वर्षों की यादें, भावनाएं और त्याग जुड़े हैं. उन्होंने यह भी कहा कि अब वह दोबारा क्रिकेट के लिए खेलने पर ध्यान देना चाहती हैं.
हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने रचा इतिहास
हरमनप्रीत कौर भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे सफल कप्तानों में शामिल रही हैं. उनकी कप्तानी में भारत ने 2025 में पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप का खिताब जीता. हाल ही में उनकी अगुवाई में भारतीय टीम ने 2026 एशियन गेम्स में भी लगातार दूसरी बार महिला क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीता. उन्होंने 2016 में टी20 टीम की कप्तानी संभाली थी. 2022 में उन्हें वनडे टीम की कप्तानी मिली और 2023 से वह तीनों फॉर्मेट में भारतीय टीम की कप्तान रहीं.
अगली कप्तान की रेस में स्मृति मंधाना सबसे आगे
हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल है कि उनकी जगह कौन लेगा. फिलहाल स्मृति मंधाना का नाम सबसे आगे माना जा रहा है. मंधाना भारतीय टीम की उपकप्तान हैं और उनके पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के साथ-साथ नेतृत्व का भी अनुभव है. हाल की BCCI रिव्यू मीटिंग में उनकी मौजूदगी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालांकि, BCCI ने अभी तक आधिकारिक तौर पर नए कप्तान के नाम का ऐलान नहीं किया है. रिपोर्टों में स्मृति के अलावा दीप्ति शर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स और ऋचा घोष के नाम भी संभावित विकल्पों के तौर पर सामने आए हैं.
स्मृति मंधाना का शानदार करियर
स्मृति मंधाना ने 2013 में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था. वह पिछले एक दशक से भारतीय टीम की बल्लेबाजी की अहम कड़ी रही हैं. बाएं हाथ की इस सलामी बल्लेबाज ने वनडे और टी20 क्रिकेट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है. अब हरमनप्रीत के कप्तानी छोड़ने के बाद मंधाना के सामने टीम की अगली पीढ़ी को नेतृत्व देने की चुनौती होगी।
हरमनप्रीत अब खिलाड़ी के तौर पर जारी रखेंगी सफर
कप्तानी छोड़ने के बावजूद हरमनप्रीत ने क्रिकेट से संन्यास नहीं लिया है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह टीम के लिए खिलाड़ी के तौर पर उपलब्ध रहेंगी. ऐसे में भारतीय महिला क्रिकेट में एक नए नेतृत्व युग की शुरुआत के साथ हरमनप्रीत का अनुभव भी टीम के साथ बना रहेगा.