जैसे जैसे उत्तर प्रदेश के चुनाव नजदीक या रहे है यूपी की राजनीति गरम होते जा रही हैं. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में कॉंग्रेस और समाजवादी पार्टी मे बातचीत शुरू हो गयी है लेकिन इससी बीच राज्य में काँग्रेस के 200 सीटों की मांग वाले पोस्टर लगने के वजह से सियासी हलचल पैदा हो गयी है.
पोस्टरों को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव का बयान सामने आया है. सपा चीफ ने कहा, “गठबंधन से भाजपा के पेट में हुआ दर्द, नकली पोस्टर लगा रही, इतना गई डर.” उन्होंने आगे कहा, “यूपी के म्युनिसिपल उच्चाधिकारियों को निलंबित कर देना चाहिए, क्योंकि कुछ लोग बिना पैसा जमा किए सरेआम पोस्टर लगवा रहे हैं. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है या तो इसका आधार भ्रष्टाचार है या शासन का दबाव है.”
कार्रवाई होनी चाहिए- अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने कहा, “इन अज्ञात पोस्टरों को जब चोरी-छिपे लगाया जाता है तो स्थानीय राजस्व की हानि भी होती है, क्योंकि ऐसे पोस्टर बिना शुल्क के लगाए जाते हैं. अगर शुल्क का आधिकारिक रूप से भुगतान किया गया तो भुगतान की रसीद भी काटनी पड़ेगी. ऐसे में साजिशकर्ता का नाम बाहर आ जाएगा और वो पकड़ा जाएगा.”
सपा प्रमुख ने आगे कहा, “राजस्व की इस हानि का खामियाजा संबद्ध अधिकारियों से भरवाना चाहिए और उनके खिलाफ जांच बैठाकर निलंबित भी कर देना चाहिए. ऐसी जितनी भी घटनाएं हो रहीं हैं हम उनका रिकार्ड तारीखवार रख रहे हैं और ये रिकॉर्ड भी रख रहे हैं कि इस समय कौन सा अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार था.”
हमारी सरकार बन रही है- अखिलेश यादव
अखिलेश यादव ने आगे यह भी कहा, “पीडीए सरकार आ रही है. अब वही इन भ्रष्ट अधिकारियों का सारा कच्चा-चिट्ठा खोलेगी. ED-CBI से लेकर EOW तक सबकों सक्रिय करके, इन सब भ्रष्ट अधिकारियों का पक्का हिसाब-किताब किया जाएगा.”
पिछले कई दिनों से सपा और काँग्रेस को लेकर लगातार बयानबाजी शुरू है. अभी तक कुछ ही सीटों पर सहमति बनते हुए नजर आ रही है. हालांकि इस पर औपचारिक ऐलान होना बाकी है.