रामनगरी अयोध्या एक बार फिर ऐतिहासिक दीपोत्सव के लिए पूरी तरह तैयार है. दीपावली के अवसर पर आयोजित होने वाले 10वें भव्य दीपोत्सव को यादगार बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान श्रीराम और माता जानकी की पूजा-अर्चना कर आरती उतारी. इस बार सरयू नदी के किनारे स्थित 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीये जलाने की तैयारी है. वहीं, आसमान में 2,100 स्वदेशी ड्रोन के जरिए रामायण के प्रसंगों की आकर्षक झलक दिखाई जाएगी. कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन भी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 7 और 8 नवंबर को अयोध्या में रहकर दीपोत्सव के विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. शनिवार को राम की पैड़ी पर मुख्य दीपोत्सव समारोह आयोजित किया जाएगा. इस दौरान राम राज्याभिषेक, संतों का सम्मान, सरयू आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा. शाम करीब 6 बजे से शुरू होने वाले कार्यक्रम में थ्री-डी प्रोजेक्शन मैपिंग, लेजर शो और भव्य ड्रोन शो भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे. इसके बाद मुख्यमंत्री अंतरराष्ट्रीय और भारतीय रामलीलाओं का मंचन देखेंगे तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित करेंगे.
अयोध्या पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामकथा पार्क में भगवान श्रीराम और माता जानकी की पूजा-अर्चना की और आरती उतारी. इस दौरान उन्होंने भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण के स्वरूप वाले रथ को स्वयं खींचकर उनका स्वागत किया. कार्यक्रम में प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने दीपावली और दीपोत्सव में शामिल होने पहुंचे संतों और ऋषियों का सम्मान भी किया.
इस साल अयोध्या में दीपोत्सव को लेकर खास तैयारियां की गई हैं. सरयू नदी के तट पर स्थित राम की पैड़ी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीये प्रज्वलित किए जाएंगे. इतने बड़े आयोजन के लिए करीब 55 हजार लीटर तेल और 65 लाख बत्तियों की व्यवस्था की गई है. वहीं, 2,100 स्वदेशी ड्रोन के जरिए आसमान में रामायण के प्रमुख प्रसंगों को जीवंत किया जाएगा. इसके अलावा आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं पर पुष्प वर्षा भी की जाएगी, जिससे दीपोत्सव की भव्यता और बढ़ेगी.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी का उल्लेख किया. उन्होंने कहा, “14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या का राजकुमार अयोध्या वापस आ रहे हैं. याद करिए उस समय भी अयोध्या वासियों ने उसी प्रकार की अयोध्या को जीवंत होते हुए देखा था. गोस्वामी तुलसीदास जी ने सुंदर पंक्तियों में लिखा है- ‘अवधपुरी प्रभु आवत जानी, भई सकल शोभा के खानी.’ यह वर्णन त्रेतायुग का है, लेकिन आज की अयोध्या त्रेतायुग का स्मरण कर रही है.”
वहीं, रविवार यानी 8 नवंबर को दीपावली के दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह हनुमानगढ़ी पहुंचकर दर्शन-पूजन करेंगे. इसके बाद वह श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन करेंगे. मंदिरों में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री संतों और स्थानीय लोगों के साथ दीपावली मिलन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे.
अयोध्या प्रशासन और आयोजन से जुड़े विभागों ने दीपोत्सव को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं. लाखों दीपों की रोशनी, ड्रोन शो, रामायण की झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस बार भी अयोध्या को खास पहचान देने वाली हैं. पूरे आयोजन का उद्देश्य दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यादगार बनाना है.


