बस्तर में जवानों के बीच दिवाली मनाने पहुंचे PM मोदी, बोले- ‘आप सब मेरे परिवार का हिस्सा हैं’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली का त्योहार छत्तीसगढ़ के बस्तर में तैनात सुरक्षाबलों के जवानों के साथ मनाया. इस दौरान उन्होंने जवानों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं और उनके साहस, बलिदान तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन किया.
बस्तर में जवानों के बीच दिवाली मनाने पहुंचे PM मोदी

बस्तर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली का त्योहार छत्तीसगढ़ के बस्तर में तैनात सुरक्षाबलों के जवानों के साथ मनाया. इस दौरान उन्होंने जवानों को दिवाली की शुभकामनाएं दीं और उनके साहस, बलिदान तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन किया. जवानों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि देश उनके योगदान का हमेशा ऋणी रहेगा. उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में मिली सफलता और बस्तर में हो रहे बदलाव का भी उल्लेख किया. इस दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा.

‘आप सब मेरे परिजन हैं, मेरे परिवार का हिस्सा हैं’

प्रधानमंत्री मोदी ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि दीपावली देशवासियों के लिए परिवार के साथ खुशियां बांटने का त्योहार है. ऐसे अवसर पर वह भी अपने परिवार यानी देश की रक्षा में तैनात जवानों के बीच पहुंचे हैं.

पीएम मोदी ने कहा, ‘आज पूरा देश, दुनिया के कोने-कोने में करोड़ों भारतीय प्रकाश का पावन पर्व मना रहे हैं. दूर-दूर से लोग अपने घर पहुंच रहे हैं. परिवार और परिजनों के साथ मिलने-जुलने का ये एक बड़ा महोत्सव होता है और मैं भी दिवाली मनाने आपके बीच पहुंच गया हूं.’

उन्होंने आगे कहा, ‘सीमा पर और देश के भीतर राष्ट्र की रक्षा करने वाले, राष्ट्र के प्रहरी, मां भारती के वीर, आप सब बेटे-बेटियां, मेरे परिजन हैं, आप सब मेरे परिवार का हिस्सा हैं।’

प्रधानमंत्री ने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए बताया कि हिमालय की गोद में कारगिल से लेकर लेपचा तक और समुद्र किनारे सर क्रीक से लेकर आईएनएस विक्रांत तक उन्होंने जवानों के साथ दीपावली मनाई है. उन्होंने कहा, ‘वीर जवानों के साथ हर दिवाली मेरे लिए यादगार रही है.’

‘140 करोड़ देशवासियों की ओर से आपके त्याग को नमन’

प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सुरक्षाबलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ‘ये एक असाधारण उपलब्धि है. इसका बहुत बड़ा श्रेय आपका है, आप जैसे लाखों वीरों का, जवानों का और सुरक्षाकर्मियों का है. इसलिए आज मैं आपके साथ दीवाली मनाने आया हूं और 140 करोड़ देशवासियों की ओर से आपके त्याग, समर्पण और सेवाभाव के प्रति आभार भी व्यक्त करने आया हूं.’

पीएम मोदी ने जवानों को भरोसा दिलाया कि देश उनके बलिदान और कठिन परिस्थितियों में निभाई गई जिम्मेदारियों को कभी नहीं भूलेगा. उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए जवानों का समर्पण हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है.

‘नक्सलवाद के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई में मिली जीत’

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में 2026 की दीपावली को विशेष बताते हुए नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में मिली सफलता का जिक्र किया, उन्होंने कहा, ‘साल 2026 की ये दिवाली वाकई विशेष है! ये पहली दिवाली है, जब देश नक्सलवाद-माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई जीत चुका है. ये पहली दिवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है. ये पहली दिवाली है, जब करोड़ों देशवासी नक्सलवाद के भय को परास्त कर चुके हैं.’

प्रधानमंत्री ने बताया कि एक समय देश के करीब 20 राज्यों के 230 से अधिक जिले नक्सलवाद से प्रभावित थे. इन इलाकों में शाम होते ही सामान्य जनजीवन प्रभावित हो जाता था. नक्सलियों ने लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों, यहां तक कि मतदान करने की स्वतंत्रता को भी बाधित किया था.

दंतेवाड़ा हमले का जिक्र कर पुराने दौर को किया याद

पीएम मोदी ने नक्सलवाद के खिलाफ संघर्ष में जवानों की शहादत और आम नागरिकों की मौतों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई आसान नहीं थी और इसके लिए सुरक्षाकर्मियों को भारी कीमत चुकानी पड़ी. प्रधानमंत्री ने कहा, ‘बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ सहित देश का एक बहुत बड़ा हिस्सा वामपंथी उग्रवाद की चपेट में था. हजारों गांव, करोड़ों की आबादी, एक साल में 2-2 हजार तक नक्सली हमले.’

दंतेवाड़ा की घटनाओं को याद करते हुए उन्होंने कहा, ‘2010 में यहीं पास ही दंतेवाड़ा में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में हमारे 76 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए. 2010 में ही, दंतेवाड़ा में ही एक और घटना में 44 निर्दोष नागरिकों की हत्या हुई थी.’

उन्होंने आगे कहा, ‘ये धरती हमारे वीरों के रक्त से अभिशप्त हो गई थी, लेकिन महलों में रहने वाले किसी भी नामदार की सिसकी नहीं सुनाई दी, किसी भी नामदार की आंखों से एक भी आंसू नहीं निकला. दशकों तक ये सिलसिला चलता रहा. इस दौरान छत्तीसगढ़ में ही 1 हजार से ज्यादा जवानों का बलिदान हुआ. IED के विस्फोटों में कितने ही जवानों को अपने हाथ-पैर गंवाने पड़े.’

पिछली सरकारों पर निशाना, जवानों के योगदान को बताया निर्णायक

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में पूर्ववर्ती सरकारों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षाबलों की समस्याओं और उनके बलिदान को वह महत्व नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे. पीएम मोदी ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जवानों ने लगातार कठिन परिस्थितियों में मोर्चा संभाला. उनके साहस, अनुशासन और समर्पण की वजह से ही आज बस्तर में शांति और विकास की नई उम्मीद दिखाई दे रही है. प्रधानमंत्री का बस्तर में जवानों के साथ दीपावली मनाना सुरक्षाबलों के प्रति सम्मान और उनके मनोबल को बढ़ाने का संदेश देता है. साथ ही उन्होंने अपने संबोधन के जरिए नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में आई सफलता को देश के सामने प्रमुखता से रखा.

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