Babri Demolition Anniversary : बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में प्रशासन हाई अलर्ट पर है। मथुरा, संभल और अयोध्या जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस, पीएसी (PAC) और रैपिड रिएक्शन फोर्स ने मोर्चा संभाल लिया है। इसके अतिरिक्त, ड्रोन, सीसीटीवी और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है। विशेष रूप से मथुरा शहर में जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।
संवेदनशील इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
श्री कृष्ण जन्मस्थान परिसर, शाही ईदगाह मस्जिद, भीड़भाड़ वाले बाजारों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में बहुस्तरीय सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। धार्मिक स्थलों, गलियों और बाजारों की निगरानी ड्रोन कैमरों द्वारा की जा रही है। वरिष्ठ अधिकारी लगातार स्थिति का जायजा ले रहे हैं और फुट पेट्रोलिंग का दायरा बढ़ा दिया गया है।
सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी
भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। आईटी सेल 24 घंटे सोशल मीडिया पर निगरानी बनाए हुए है। शहर में शांति और सौहार्द कायम रखने के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।
संभल में विशेष सतर्कता
संभल को अति संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, क्योंकि यहां विवादित स्थलों की संख्या अधिक है। जामा मस्जिद की ओर जाने वाले मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है और पीएसी के जवान चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि पुलिस बल अलर्ट मोड पर है और सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ सामग्री पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्ती बरती जाएगी। जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने जानकारी दी कि अमन कमेटी की बैठक पहले ही संपन्न हो चुकी है और शहर में मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति की गई है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
उल्लेखनीय है कि 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद का विध्वंस हुआ था। प्रतिवर्ष इस तिथि पर उत्तर प्रदेश पुलिस अलर्ट पर रहती है। अयोध्या समेत कई संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी जाती है। इस वर्ष भी अयोध्या और कृष्ण जन्मभूमि मथुरा सहित पूरे प्रदेश में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।









