India-Nepal Border : भारत-नेपाल की खुली सीमा पर पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान, चीन और ब्रिटेन जैसे तीसरे देशों के नागरिकों की अवैध आवाजाही में हो रही वृद्धि ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। इसी कारण दोनों देशों ने सीमा पर निगरानी तेज करने, खुफिया जानकारी तुरंत साझा करने और बिना वीज़ा आने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
विदेशी नागरिकों की आवाजाही का रिकॉर्ड
नेपाल के गृह मंत्रालय के संयुक्त प्रवक्ता रविन्द्र आचार्य ने बताया कि दोनों देशों ने सीमा पर निगरानी बढ़ाने, इंटेलिजेंस ऑपरेशन को मजबूत करने और विदेशी नागरिकों की आवाजाही का पूरा रिकॉर्ड रखने पर सहमति जताई है। स्थानीय स्तर पर सूचना जुटाने के लिए भी सुरक्षा तंत्र को सशक्त किया जाएगा।
चीनी महिला को सजा और जुर्माना
हाल ही में बहराइच में पकड़ी गई एक चीनी महिला को न्यायालय ने आठ वर्ष के कारावास और ₹50,000 के जुर्माने की सजा सुनाई। चीन के दूतावास ने भी अपने नागरिकों को चेतावनी दी है कि अनजाने में भी भारतीय सीमा में घुसने पर गिरफ्तारी सुनिश्चित है। भारत के कानून के अनुसार, बिना वीज़ा सीमा पार करने पर पाँच वर्ष तक की जेल और ₹5 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। नेपाल के इमिग्रेशन एक्ट में भी ऐसे मामलों में पाँच वर्ष की जेल और ₹50,000 जुर्माने का प्रावधान है।
दोनों देशों की सुरक्षा को चुनौती
उल्लेखनीय है कि 1,880 किलोमीटर लंबी इस खुली सीमा का उपयोग मानव तस्कर, नशा तस्कर, फर्जी दस्तावेज वाले विदेशी नागरिक और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोग कर रहे हैं, जिससे दोनों देशों की सुरक्षा को चुनौती मिल रही है। भारत और नेपाल ने यह तय किया है कि घुसपैठ रोकने के लिए अब कठोर कदम उठाए जाएंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साझा की जाएगी।
जानबूझकर घुसपैठ के प्रयास
नेपाल-भारत सीमा पर 250 से अधिक चौकियों पर करीब 9,000 जवान तैनात हैं। अधिकारियों के अनुसार, कई लोग अनजाने में सीमा पार कर लेते हैं, लेकिन कई मामलों में जानबूझकर घुसपैठ के प्रयास भी सामने आए हैं। नेपाल पहले भी कई विदेशी नागरिकों को पकड़कर वापस भेज चुका है, जिनमें भूटानी शरणार्थी भी शामिल थे।
नेपाल बॉर्डर से पाकिस्तानी नागरिक पकड़ा गया
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, कई विदेशी नागरिक नेपाल की खुली सीमा का लाभ उठाकर बिना पासपोर्ट और वीज़ा के भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में 15 नवंबर को सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने नेपाल बॉर्डर से दो ब्रिटिश नागरिकों को पकड़ा, जिनमें से एक पाकिस्तानी मूल का बताया गया। इसके अलावा, कई चीनी नागरिक भी नेपाल के रास्ते अवैध रूप से भारत में प्रवेश करते हुए पकड़े गए हैं।
