Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

शाहीन के पिता बोले- बेटी इस गतिविधि में शामिल नहीं, फरीदाबाद मॉड्यूल से संबंध

Lucknow News : दिल्ली में हुए बम धमाके की जाँच जारी है और इसके तार **फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल** से जोड़े जा रहे हैं। इसी क्रम में, फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार **डॉ. शाहीन शाहिद** के घर राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (**NIA**), आतंकवाद निरोधक दस्ता (**ATS**) और जम्मू-कश्मीर पुलिस की टीम पहुँची। इस दौरान शाहीन के पिता **शाहिद अंसारी** ने दृढ़ता से कहा कि उनकी बेटी ऐसा कोई भी ग़लत काम नहीं कर सकती।

फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार डॉ. शाहीन के पिता ने मीडिया से कहा, “मेरे तीन बच्चे हैं, बड़ा बेटा शोएब मेरे साथ रहता है, दूसरी बेटी शाहीन है, जिसका आप ज़िक्र कर रहे हैं। मुझे **विश्वास नहीं** है कि वह इसमें शामिल है। मैंने एक महीने पहले शाहीन से बात की थी, जबकि परवेज़ से हर हफ़्ते बात होती है।”

डॉ. शाहीन का परिवार लखनऊ में रहता है

मिली जानकारी के अनुसार, डॉक्टर शाहीन, जिसे कल फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया, का परिवार लखनऊ के डालीगंज स्थित 121 नंबर मकान में रहता था। पिता के मुताबिक, शाहीन तीन भाई-बहन हैं: सबसे बड़े बेटा शोएब पिता के साथ रहते हैं, दूसरी बेटी शाहीन है, जिसकी कल गिरफ्तारी हुई, और तीसरे नंबर का बेटा **परवेज़** है, जिसके घर पर आज सुबह **छापेमारी** हुई है।

परवेज के घर छापेमारी

पिता ने बताया कि शाहीन काफी समय पहले यहाँ से चली गई थी और फरीदाबाद में नौकरी कर रही थी। उसकी शादी महाराष्ट्र के एक व्यक्ति से हुई है। तीसरे नंबर का भाई परवेज़ है, जिसके घर पर आज सुबह छापेमारी हुई है। पिता ने दोहराया कि उन्हें बिल्कुल भरोसा नहीं है कि उनकी बेटी ऐसी किसी **आतंकी गतिविधि** में शामिल हो सकती है। शाहीन लगभग डेढ़ साल पहले अपने पिता से मिलने लखनऊ आई थी और एक महीने पहले उनसे बात भी हुई थी।

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज कन्नौज तबादला

बता दें कि डॉक्टर शाहीन कानपुर के **जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज** में प्रवक्ता पद पर कार्यरत रही हैं। उनका चयन लोक सेवा आयोग के माध्यम से हुआ था। साल 2009-2010 के बीच उनका कन्नौज स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में तबादला भी हुआ। इसके बाद 2013 में वे मेडिकल कॉलेज, कानपुर से अचानक **बिना सूचना के अनुपस्थित** हो गईं, जिसके बाद राज्य में चर्चा शुरू हुई और कॉलेज में उनके रिकॉर्ड की जाँच कराई गई।

यह भी पढ़ें : पंजाब में अब हरियाली और बिजली का कमाल: जानें कैसे निवेशक बनेंगे हरित ऊर्जा के हीरो