इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में दूषित पीने के पानी से दस्त और उल्टी की गंभीर महामारी फैल गई है। इस वजह से अब तक कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है और 1400 से ज्यादा लोग बीमार पड़ चुके हैं। यह घटना पूरे शहर को हिला कर रख दिया है, क्योंकि इंदौर पिछले आठ सालों से लगातार भारत का सबसे स्वच्छ शहर चुना जाता रहा है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने इसे सरकार की लापरवाही बताया और जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। राहुल गांधी ने कहा, “इंदौर में पानी नहीं, जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में रहा। घर-घर मातम है, गरीब बेबस हैं। बार-बार गंदे पानी की शिकायत हुई, फिर भी कोई सुनवाई क्यों नहीं हुई? जिम्मेदार अफसरों और नेताओं पर कार्रवाई कब होगी?”
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि साफ पानी एक एहसान नहीं बल्कि जीवन का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि डबल इंजन वाली बीजेपी सरकार और उसका लापरवाह प्रशासन इस त्रासदी के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है। उन्होंने मध्य प्रदेश को कुप्रशासन का एपिसेंटर करार दिया और कहा कि गरीबों की मौत पर प्रधानमंत्री मोदी हमेशा खामोश रहते हैं।
इंदौर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉक्टर माधव प्रसाद हसानी ने बताया कि शहर के एक मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में यह साफ हुआ है कि भागीरथपुरा इलाके की पानी की पाइपलाइन में रिसाव की वजह से पानी गंदा हो गया था। इस इलाके से महामारी की शुरुआत हुई। अधिकारियों ने बताया कि रिसाव वाली जगह के ठीक ऊपर एक शौचालय भी बना हुआ था, जिससे पानी में सीवर मिल गया और संक्रमण फैला।
स्वास्थ्य विभाग ने गुरुवार को भागीरथपुरा इलाके के 1714 घरों का सर्वे किया। इसमें 8571 लोगों की जांच की गई, जिनमें 338 लोगों को हल्के दस्त और उल्टी के लक्षण पाए गए। उन्हें घर पर ही प्राथमिक इलाज दिया गया। महामारी के आठ दिनों में कुल 272 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 71 को छुट्टी दे दी गई। फिलहाल 201 मरीज अस्पताल में हैं, जिनमें से 32 की हालत गंभीर होने के कारण आईसीयू में रखा गया है।
इस महामारी ने इंदौरवासियों में खौफ और नाराजगी पैदा कर दी है। लोग पूछ रहे हैं कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी और सरकार कब इस मामले में कार्रवाई करेंगे। शहर की जनता का कहना है कि साफ पानी और स्वास्थ्य सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, और इसके लिए जिम्मेदारों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।









