महाराष्ट्र में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव का प्रचार चरम पर है, लेकिन सियासी जोश के बीच हुई एक हिंसक घटना ने चिंता बढ़ा दी है। अकोला में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की चुनावी रैली में अचानक अफरातफरी मच गई और हालात इतने बेकाबू हो गए कि पुलिस को भीड़ पर लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
महाराष्ट्र के अकोला में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के लिए प्रचार कर रहे थे। रैली के दौरान आयोजकों द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास विफल रहे और बड़ी संख्या में समर्थक मंच की ओर तेज़ी से बढ़ने लगे। भीड़ का यह अचानक उफान तनाव में बदल गया और देखते ही देखते स्थिति भगदड़ जैसी बन गई, जिसमें लोग बचने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
हालात को संभालने के लिए, पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। जब भीड़ नियंत्रण से बाहर हो गई, तो पुलिस को समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। इस घटना के कई वीडियो फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जो मौके पर फैली अराजकता को दर्शाते हैं। हालांकि, इस हंगामे के दौरान किसी के गंभीर रूप से घायल होने की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
अपनी रैली में ओवैसी बीएमसी चुनाव के लिए वोट मांग रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में पानी के निजी टैंकरों को “माफिया” बताते हुए जनता से AIMIM के पक्ष में मतदान करने की अपील की थी। उनके भाषण के दौरान ही धक्का-मुक्की और भीड़ का उफान थोड़ा और बढ़ा, जिसके बाद यह हिंसक झड़प हुई।
15 जनवरी को होने वाली वोटिंग से ठीक पहले हुई इस हिंसक घटना ने चुनावी अभियान की गर्माहट और बढ़ा दी है, और अब यह देखना होगा कि स्थानीय राजनीति में बढ़ता यह तनाव आगे क्या रूप लेता है।









