वाराणसी की राजनीति में इन दिनों समाजवादी पार्टी के ‘पीडीए पंचांग’ को लेकर घमासान मचा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी के नेता मनोज तिवारी ने इस पंचांग पर तीखा हमला बोला है, इसे ‘पाकिस्तानी पंचांग’ करार दिया है। उनके इस बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।
मनोज तिवारी ने वाराणसी दौरे के दौरान समाजवादी पार्टी के नए सियासी फॉर्मूले ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) पर आधारित पंचांग को सीधे तौर पर ‘पाकिस्तानी पंचांग’ कहा। उन्होंने इस बयान के पीछे का कारण स्पष्ट करते हुए कहा कि सपा द्वारा जारी किए गए इस पंचांग में अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर निर्माण का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।
तिवारी ने इसे भारतीय संस्कृति का घोर विरोध बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर को पंचांग में शामिल न करना, देश की आस्था और परंपरा के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के विरोध की राजनीति करके समाजवादी पार्टी अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही है।
यह राजनीतिक विवाद उस समय सामने आया है जब प्रधानमंत्री मोदी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वाराणसी में 72वें राष्ट्रीय वॉलीबॉल टूर्नामेंट के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे, जो दिखाता है कि काशी इस समय राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है।
वाराणसी से निकली यह बयानबाजी अब पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति में PDA वर्सेज राम मंदिर के मुद्दे को और भी तीखा बना सकती है, जिस पर आने वाले दिनों में और भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलेंगी।









