Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

होम

शॉर्ट अपडेट

ब्रेकिंग

लाइव टीवी

मेन्यू

JNU विवादों में: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भड़के छात्र, PM मोदी-शाह के खिलाफ लगाए आपत्तिजनक नारे

amit shah

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) एक बार फिर गहन राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगे के आरोपी उमर खालिद और देशद्रोह के आरोपी शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी। इस न्यायिक फैसले के विरोध में, विश्वविद्यालय के छात्रों ने प्रदर्शन किया, जिसके दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी की गई, जिसने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है।

यह विरोध प्रदर्शन साबरमती हॉस्टल के बाहर रात के समय हुआ। रिपोर्ट्स के अनुसार, वामपंथी छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान जो नारे लगाए गए, वे विवाद का मुख्य कारण बने। छात्रों ने कथित तौर पर ‘मोदी-शाह तेरी कब्र खुदेगी’, ‘अंबानी राज की कब्र खुदेगी, JNU की धरती पर’ और ‘अडानी की कब्र खुदेगी, JNU की धरती पर’ जैसे नारे लगाए।

उमर खालिद पर दिल्ली दंगों में उनकी भूमिका को लेकर मामला चल रहा है, जबकि शरजील इमाम पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज है, क्योंकि उन पर कथित तौर पर ‘चिकेन नेक’ क्षेत्र को काटकर उत्तर-पूर्व को भारत से अलग करने की बात कहने का आरोप है। छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन सीधे तौर पर न्यायपालिका के फैसले के खिलाफ असंतोष व्यक्त करने के लिए था।

इस नारेबाजी पर बीजेपी नेताओं की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। बीजेपी नेता और मंत्री कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन की निंदा करते हुए कहा कि ‘सांपों के फन कुचले जा रहे हैं तो सपोले बिलबिला रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि यह नारेबाजी उन लोगों की हताशा दर्शाती है क्योंकि दंगाइयों और देशद्रोहियों को अब कोर्ट पहचान चुका है। अन्य नेताओं ने भी इस घटना को देशद्रोहियों का समर्थन बताया और ऐसी नारेबाजी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

JNU में हुई इस ताजा घटना ने एक बार फिर परिसर की राजनीति को गरमा दिया है और यह स्पष्ट कर दिया है कि न्यायिक फैसलों पर वैचारिक मतभेद अब खुले तौर पर राष्ट्रीय हस्तियों को निशाना बनाने वाले नारों में बदल रहे हैं, जिसने दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में एक नया विमर्श छेड़ दिया है।

संबंधित खबरें

मोहन भागवत का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश: क्या संघ प्रमुख ने युवाओं के बहाने सरकार, विपक्ष और पूरे सिस्टम को आईना दिखाया?

कॉकरोच आंदोलन के पीछे बड़ी साजिश? 180 इन्फ्लुएंसर्स के वायरल दावे से गरमाई सियासत, सोशल मीडिया की भूमिका पर उठे सवाल

‘जिंदा चमड़े का सप्लायर’… आरजेडी के भीतर आखिर किस ओर इशारा कर गए भाई वीरेंद्र? तेजस्वी यादव के सामने खड़े हुए कई बड़े सवाल

शेख हसीना के ऐलान से बांग्लादेश में बढ़ी सियासी हलचल, भारत ने दिया ये बयान

12 अगस्त को लॉन्च होगा Google Pixel 11 Pro Fold! लॉन्च से पहले लीक हुआ डिजाइन

Recommended Stories

मोहन भागवत का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश: क्या संघ प्रमुख ने युवाओं के बहाने सरकार, विपक्ष और पूरे सिस्टम को आईना दिखाया?

कॉकरोच आंदोलन के पीछे बड़ी साजिश? 180 इन्फ्लुएंसर्स के वायरल दावे से गरमाई सियासत, सोशल मीडिया की भूमिका पर उठे सवाल

‘जिंदा चमड़े का सप्लायर’… आरजेडी के भीतर आखिर किस ओर इशारा कर गए भाई वीरेंद्र? तेजस्वी यादव के सामने खड़े हुए कई बड़े सवाल

शेख हसीना के ऐलान से बांग्लादेश में बढ़ी सियासी हलचल, भारत ने दिया ये बयान

12 अगस्त को लॉन्च होगा Google Pixel 11 Pro Fold! लॉन्च से पहले लीक हुआ डिजाइन