सोने-चांदी के बढ़ते दामों के बीच सर्राफा बाजारों में चोरी और लूट की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। इन वारदातों में अक्सर अपराधी नकाब या मास्क पहनकर आते हैं, जिससे उनकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है। इसी को देखते हुए अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक अहम मांग की गई है—बाजारों में नकाबपोश ग्राहकों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। यह मांग सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के मुख्य याचिकाकर्ता और संत दिनेश फलाहारी महाराज ने इस संबंध में सीएम योगी को पत्र लिखा है। फलाहारी महाराज का तर्क है कि नकाब की आड़ में अपराधी आसानी से दुकानों में घुसकर वारदात को अंजाम देते हैं और फिर फरार हो जाते हैं। अपराधी की पहचान करना लगभग असंभव हो जाता है। उनकी मुख्य मांग यह है कि सभी बाजारों में यह नियम लागू किया जाए कि ग्राहक बिना चेहरा ढके ही दुकानों में प्रवेश करें। संत समाज ने भी इस पहल को अपना समर्थन दिया है।
अपराधों पर लगाम लगाने के लिए सर्राफा व्यापारी पहले ही सतर्क हो गए हैं। झांसी में सर्राफा व्यापार मंडल ने एक महत्वपूर्ण सामूहिक निर्णय लिया है। उन्होंने तय किया है कि अब किसी भी नकाबपोश ग्राहक को आभूषण नहीं बेचा जाएगा। पुलिस की सहमति से दुकानों के अंदर और बाहर पोस्टर भी लगाए गए हैं, जिनमें ग्राहकों से अपील की गई है कि वे चेहरा खोलकर ही दुकान में प्रवेश करें। दुकानदारों का साफ कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर चेहरा ढका होने पर वे किसी भी प्रकार की बिक्री नहीं करेंगे।
व्यापारियों और संत समाज का मानना है कि इस नियम को लागू करने से न केवल व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि आम ग्राहकों की सुरक्षा भी बढ़ेगी और अपराधों पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाई जा सकेगी।
फिलहाल यह मुद्दा पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय इस महत्वपूर्ण मांग पर क्या निर्णय लेता है और क्या यह नियम पूरे उत्तर प्रदेश के बाजारों में लागू हो पाएगा।









