राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के मथुरा दौरे के बीच सियासी हलचल तेज हो गई है। मथुरा के होली गेट क्षेत्र में उस वक्त तनाव पैदा हो गया, जब मोहन भागवत से मिलने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की देखने को मिली।
कांग्रेस के कार्यकर्ता दरअसल आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को संविधान की प्रति (कॉपी) और राष्ट्रीय तिरंगा झंडा भेंट करने के लिए जा रहे थे। जैसे ही ये कार्यकर्ता होली गेट पहुंचे, भारी संख्या में तैनात पुलिस बल ने उन्हें बैरिकेडिंग लगाकर आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस बैरिकेडिंग के सामने नारेबाजी शुरू कर दी और जबरन आगे बढ़ने की कोशिश की, जिससे पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच जोरदार धक्का-मुक्की हुई।
इस घटना को लेकर कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश धनगर ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संविधान और तिरंगा सौंपने जा रहे थे, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें जबरन रोककर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया है।
वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र, किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती थी। घटना की सूचना मिलते ही स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। फिलहाल पूरे इलाके में पुलिस मुस्तैदी से तैनात है और स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है।
मथुरा में आरएसएस प्रमुख के दौरे के दौरान हुई इस राजनीतिक झड़प ने सियासी माहौल को गरमा दिया है, और प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है।









