उत्तर प्रदेश की सियासी जमीन पर इन दिनों एक नए अधिनियम ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोज़गार एंड आजीविका मिशन’ (VBG RAM G Adhiniyam) की चर्चा तेज़ है। हाल ही में वाराणसी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने इस अधिनियम को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने न सिर्फ इसे ग्रामीण विकास की नई दिशा बताया, बल्कि सीधे तौर पर भ्रष्टाचार पर “डिजिटल स्ट्राइक” और “सर्जिकल स्ट्राइक” करार दिया।
वाराणसी के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि रामजी अधिनियम का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुंचना और उसे समाप्त करना है। उन्होंने कांग्रेस पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि विपक्षी दल ने हमेशा योजनाओं को अपने परिवार के नाम पर चलाया है, लेकिन जब एक योजना रामजी के नाम से बनाई गई, तो उन्हें तकलीफ हो रही है। चौधरी ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में गरीब व्यक्ति के मकान, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया गया है, और यह नया अधिनियम उसी दिशा में एक बड़ा, पारदर्शी कदम है।
मनरेगा की कमियों को दूर करेगा ‘जी रामजी अधिनियम’
पंकज चौधरी ने बताया कि यह अधिनियम मनरेगा जैसी पुरानी योजनाओं में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए लाया गया है। पहले नकली जॉब कार्ड, अनियमित कार्य (जैसे गड्ढा खोदकर भरना) और श्रमिकों को समय पर पारिश्रमिक न मिलने जैसी कई शिकायतें थीं। अब, वीबी जी रामजी अधिनियम इन सभी समस्याओं का समाधान करेगा। इसके तहत महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जो ग्रामीण विकास की जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे:
* सभी कार्य ग्राम सभा की मंजूरी के बाद ही शुरू होंगे।
* राज्यों को किसानों और श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कार्यों को रोकने का अधिकार दिया गया है।
* श्रमिकों को उनका पारिश्रमिक 60 दिनों के भीतर देने की गारंटी दी गई है।
उन्होंने घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में इस योजना के तहत ग्रामीण विकास पर लगभग आठ लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसका असर सीधे ग्राम स्तर पर दिखाई देगा।
### चुनावी तैयारी और विपक्ष पर निशाना
राजनीतिक और चुनावी रणनीति पर बोलते हुए, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने एसआईआर ड्राफ्ट रोल (चुनावी ड्राफ्ट सूची) पर भाजपा की तैयारी साझा की। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता धरातल पर उतरकर निचले स्तर तक जाएंगे और हर बूथ पर जाकर ड्राफ्ट सूची की जांच करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण में लगभग दो करोड़ अट्ठासी लाख लोगों के नाम सामने आए हैं। भाजपा की जिम्मेदारी है कि इस सूची से किसी भी सही पात्र व्यक्ति का नाम गलती से न कटे।
वहीं, उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सपा केवल जाति आधारित राजनीति करती है और वह स्वयं भी अपने ‘पीडीए’ (PDA) के अर्थ को स्पष्ट रूप से नहीं समझ पा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भ्रष्टाचार जमीनी स्तर पर सभी के सामने आता रहता है और भाजपा का उद्देश्य हर गांव तक विकास और जवाबदेही पहुंचाना है।
पंकज चौधरी के अनुसार, जी रामजी अधिनियम मजदूरों, किसानों और गांव के विकास का वह मंत्र है जो कांग्रेस के भ्रष्टाचार का अंत करने वाला कानून है। भाजपा कार्यकर्ता बूथ स्तर पर हर व्यक्ति की जांच कर विकास और पारिश्रमिक की गारंटी सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
