भारत में फसल उत्सवों का सीजन आने में अब कुछ ही दिन बचे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में मकर संक्रांति को पोंगल या लोहड़ी जैसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है। यदि आप 2026 में आने वाले भारत के सबसे बहुप्रतीक्षित फसल उत्सवों की सही तारीख और शुभ मुहूर्त जानने को लेकर उत्सुक हैं, तो यहां उससे जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है।
फसल उत्सव, जिसे देश भर में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है, न केवल नई फसल के आगमन का प्रतीक है, बल्कि यह प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का भी एक तरीका है। इन त्योहारों की सही तारीख जानने को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता रहती है।
पोंगल 2026: जानिए सही तारीख और उत्सव
तमिल सौर पंचांग के अनुसार, इस साल पोंगल का त्योहार बुधवार, 14 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा। यह उत्सव विशेष रूप से दक्षिण भारत में चार दिनों तक चलता है, जिसकी शुरुआत भव्य रूप से होती है:
4 दिवसीय उत्सव की शुरुआत: उत्सव की शुरुआत ‘भोगी पांडिगई’ (Bhogi Pandigai) से होती है।
भोगी पांडिगई: इस दिन लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं, पुराने सामान को हटाते हैं, और बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में अलाव जलाते हैं।
मुख्य दिवस: भोगी पांडिगई के बाद सबसे शुभ दिन ‘थाई पोंगल’ मनाया जाता है।
मकर संक्रांति और लोहड़ी कब है?
पोंगल के साथ ही उत्तर भारत में मकर संक्रांति और पंजाब तथा आसपास के क्षेत्रों में लोहड़ी का पर्व भी मनाया जाता है। ये तीनों त्योहार आमतौर पर एक ही समय पर या आस-पास ही आते हैं। मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जो दान-पुण्य और पवित्र नदियों में स्नान के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। चूंकि पोंगल 14 जनवरी 2026 को है, इसलिए मकर संक्रांति और लोहड़ी भी इसी तारीख के आसपास या उसके एक दिन पहले-बाद मनाई जाएगी।
ये फसल उत्सव पूरे देश में खुशहाली और समृद्धि का संदेश लेकर आते हैं। सही तारीखों को ध्यान में रखते हुए अभी से त्योहारों की तैयारियां शुरू कर दें।









