हाल ही में सोशल मीडिया पर रियलिटी शो स्टार प्रिंस नरूला का एक वीडियो तेज़ी से वायरल हुआ, जिसमें उन्हें पुलिस के साथ जाते हुए देखा गया। इस वीडियो के साथ यह दावा किया गया कि प्रिंस को दिल्ली में मस्जिद तोड़ने के मामले में गिरफ्तार किया गया है। इस वायरल दावे ने फैंस और दर्शकों के बीच सनसनी फैला दी। क्या यह गिरफ्तारी की खबर सच थी, या सिर्फ एक अफवाह? आइए जानते हैं इस मामले की पूरी सच्चाई।
सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहे इस वीडियो को देखकर कई लोगों ने तुरंत यह मान लिया कि ‘रियलिटी शो के किंग’ किसी बड़े कानूनी विवाद में फंस गए हैं। यह अफवाह इसलिए भी तेजी से फैली क्योंकि इसे दिल्ली में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने के लिए की गई बुलडोजर कार्रवाई से जोड़ा गया था। वीडियो को देखकर यह गलत धारणा बन गई कि उन्हें उसी मामले में गिरफ्तार किया गया है।
प्रिंस नरूला ने खुद किया खुलासा
इस वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए जब प्रिंस नरूला से संपर्क किया गया, तो उन्होंने खुद इस पूरे मामले पर से पर्दा उठाया। प्रिंस नरूला ने मीडिया को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो बिल्कुल झूठा है और उनकी गिरफ्तारी की खबर आधारहीन है। उन्होंने बताया, “यह वीडियो किसी कानून, विवाद या गिरफ्तारी से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह एक ब्रांड शूट का हिस्सा था। मुझे गिरफ्तार नहीं किया गया है।”
यानी, जो खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैलाई जा रही थी, वह पूरी तरह अफवाह साबित हुई। यह सिर्फ एक शूट का सीन था जिसे गलत संदर्भ में पेश किया गया। आपको बता दें कि प्रिंस नरूला, जिन्होंने ‘रोडीज’, ‘स्प्लिट्सविला’ और ‘बिग बॉस 9’ जीतकर अपनी पहचान बनाई, आजकल टीवी इंडस्ट्री से दूर अपने सिंगिंग करियर (जैसे ‘हैलो हैलो’ और ‘शुकराना’) पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि सोशल मीडिया की हर खबर पर आँख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए। प्रिंस नरूला की गिरफ्तारी की अफवाह सिर्फ एक झूठा दावा था जो एक क्लिक और एक शेयर के कारण लाखों लोगों तक पहुँच गया। इसलिए, सतर्क रहें और किसी भी जानकारी को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सच्चाई की पड़ताल जरूर करें।









