Loading...
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
  • ... अपडेट हो रहा है
24K Gold
Loading...
Silver (1kg)
Loading...
24K Gold
Loading...
ताज़ा ख़बरें
Loading updates...

प्रयागराज माघ मेला 2026: आस्था, कल्पवास और संस्कृति का अद्भुत महाकुंभ

संगम की पवित्रता,

प्रयागराज का त्रिवेणी संगम एक बार फिर आस्था के महासागर में तब्दील हो चुका है। माघ मेला 2026 का भव्य शुभारंभ हो चुका है, जहाँ लाखों श्रद्धालु आत्मिक शुद्धि और कल्पवास की कठिन तपस्या के लिए एकत्रित हुए हैं। यह केवल एक धार्मिक स्नान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा का जीवंत महापर्व है।

माघ मेला 2026 की शुरुआत पौष पूर्णिमा (3 जनवरी) को हुई है और यह 15 फरवरी तक चलेगा, यानी यह करीब 45 दिनों तक चलने वाला सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। इस दौरान मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी जैसी प्रमुख स्नान तिथियों पर करोड़ों भक्तों के जुटने की उम्मीद है। इन पवित्र दिनों में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में डुबकी लगाने से मोक्ष की प्राप्ति मानी जाती है।

इस वर्ष, मेला प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। संगम तट पर विशेष तौर पर कल्पवासियों के लिए एक विशिष्ट टाउनशिप ‘प्रयागवाल नगर’ तैयार की गई है, जहाँ श्रद्धालु सादगी, ध्यान और तपस्या के साथ कल्पवास व्रत का पालन करते हैं। इसके अतिरिक्त, समुदाय भावना और धार्मिक कड़ी को मजबूत करने के लिए पंचकोसी परिक्रमा का पाँच दिवसीय आयोजन भी शुरू हो चुका है।

माघ मेला केवल स्नान और तपस्या का केंद्र नहीं है, बल्कि यह कला और संस्कृति का भी अद्भुत संगम है। यहाँ लोक और शास्त्रीय कलाओं की प्रस्तुतियाँ, कला-संग्रह कार्यक्रम और साधु-संतों की भक्ति-दीक्षा सभाएं निरंतर आयोजित हो रही हैं। यह आयोजन भक्ति, सेवा और तपस्या के साथ-साथ हमारी प्राचीन परंपराओं और आधुनिक व्यवस्थाओं के तालमेल का उत्कृष्ट उदाहरण पेश कर रहा है।

माघ मेला 2026 न केवल आस्था की गहराई दिखा रहा है, बल्कि यह भक्ति, सेवा, तपस्या और भारतीय संस्कृति के अद्भुत संगम का भी प्रतीक बन गया है। आने वाले दिनों में यह उत्साह और भी बढ़ेगा और आस्था का प्रवाह और भी गहरा होगा।

संबंधित खबरें